कांकेर। कहते हैं प्यार में लोग हर हद पार कर जाते हैं, लेकिन कांकेर जिले में एक प्रेमिका ने अपने प्रेमी को बाइक दिलाने के लिए चोरी तक कर डाली। चौकी हल्बा पुलिस ने मात्र 48 घंटे के अंदर इस चोरी का खुलासा कर दोनों आरोपियों को जेल पहुंचा दिया।
घटना कैसे हुई
डूमरपानी गांव के रहने वाले कन्हैया पटेल 8 अगस्त 2025 को दोपहर में सब्जी बेचने बाजार गए थे। शाम करीब 8 बजे जब वे घर लौटे तो देखा कि घर का ताला टूटा हुआ है और सामान बिखरा पड़ा है। कमरे में रखी दोनों पेटियां खुली थीं और उनमें रखे 95,000 रुपये नकद के साथ सोने-चांदी के जेवरात गायब थे।
कन्हैया ने तुरंत चौकी हल्बा में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। चोरी गई संपत्ति की कुल कीमत करीब 2 लाख रुपये बताई गई।
जांच में सामने आया सच
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आई.के. एलिसेला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिन्हा और डीआरजी उप पुलिस अधीक्षक अविनाश ठाकुर के निर्देशन में चौकी प्रभारी निरीक्षक मालिक राम केंवट की अगुवाई में एक टीम बनाई गई। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि गांव की ही करूणा पटेल और ताम्रध्वज विश्वकर्मा घटना के दिन संदिग्ध रूप से घूमते देखे गए थे।
पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो कहानी सामने आ गई। करूणा ने बताया कि उसके प्रेमी ताम्रध्वज को बाइक खरीदने के लिए पैसों की जरूरत थी। इसी वजह से दोनों ने अपने परिचित कन्हैया पटेल के घर चोरी करने की योजना बनाई।
चोरी की प्लानिंग और वारदात
घटना वाले दिन दोपहर करीब 2 बजे करूणा पटेल, कन्हैया के घर चोरी करने पहुंची जबकि ताम्रध्वज बाहर निगरानी कर रहा था। करूणा ने बसूले से ताला तोड़ा और अंदर जाकर पेटियों को खोला। वहां से 95,000 रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर चोरी कर लिए।
नकदी रकम ताम्रध्वज को बाइक खरीदने के लिए दे दी गई और जेवरात करूणा अपने घर ले गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पुलिस टीम ने छापेमारी कर ताम्रध्वज के घर से 95,000 रुपये और करूणा के घर से सोने का मंगलसूत्र, मराठी माला, सोने के कान के टॉप्स, चांदी का करधनी और पायल बरामद किए। बरामदगी के साथ ही पुलिस ने पूरी चोरी की संपत्ति, जिसकी कीमत करीब 2 लाख रुपये है, जब्त कर ली।
दोनों आरोपियों — करूणा पटेल (22 वर्ष) और ताम्रध्वज विश्वकर्मा (24 वर्ष) — को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
पुलिस टीम की सराहना
इस पूरे ऑपरेशन में चौकी प्रभारी निरीक्षक मालिक राम केंवट, प्र.आर. सुकदेव ध्रुव, चन्द्रभान टेकाम और पूरी पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस ने जिस तेजी और सटीकता से काम किया, उससे गांव में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।