जितेंद्र साहू धमतरी। जिले के तहसील कार्यालय में गुरुवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक महिला ने अचानक तहसीलदार के चेंबर के अंदर ही जहर खाकर जान देने की कोशिश कर डाली। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने महिला को रायपुर रेफर कर दिया।
(On Thursday, in Dhamtari Tehsil office, a woman upset with a loan dispute attempted suicide by consuming poison in the Tehsildar’s chamber. The woman was referred to Raipur in critical condition.)
लोन विवाद बना बड़ी वजह
मामले की जानकारी के अनुसार, धमतरी शहर के पंचवटी कॉलोनी निवासी महिला पिछले कई महीनों से लोन विवाद में उलझी हुई थी। बताया जा रहा है कि उसके घर और संपत्ति की नीलामी और कुर्की का आदेश हो चुका था। यही कारण था कि महिला मानसिक तनाव में थी।
गुरुवार को महिला अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सीधा तहसील कार्यालय पहुंची और तहसीलदार के चेंबर में जाकर जहरीला पदार्थ खा लिया। अचानक हुई इस घटना से पूरे कार्यालय में हड़कंप मच गया।
बेटी ने बताई पूरी कहानी
महिला की बेटी ने मीडिया को बताया कि उनके पिता ने एक निजी फाइनेंस कंपनी से करीब 50 लाख रुपये का लोन लिया था। पिता की मृत्यु मई 2023 में हो गई। बीमा उनकी मां के नाम पर था, लेकिन फाइनेंस कंपनी ने बीमा क्लेम के बावजूद उनकी मां को परेशान करना शुरू कर दिया।
बेटी ने बताया कि कंपनी के लोग कई बार घर खाली करवाने भी पहुंचे। बीते तीन दिनों से उनकी मां जिला अस्पताल में भर्ती थीं। गुरुवार को ही उन्हें एक निजी नर्सिंग होम में शिफ्ट किया गया था। इसी दौरान कंपनी के अधिकारी शासकीय कर्मचारियों के साथ घर पहुंचे और जबरन घर का ताला लगाकर उन्हें बाहर कर दिया।
बेटी के अनुसार, इस खबर की जानकारी मिलते ही उनकी मां सीधा तहसील कार्यालय पहुंचीं और गुस्से और बेबसी में जहर खाकर जान देने की कोशिश की।
कोर्ट के आदेश के बाद कब्जा
मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में पिछले साल सिविल कोर्ट ने फाइनेंस कंपनी के पक्ष में आदेश दिया था कि मकान का कब्जा उन्हें सौंपा जाए। इसके बाद जून 2024 में हाई कोर्ट से भी इसी तरह का आदेश जारी हुआ। इसी आदेश के तहत 21 अगस्त को कंपनी को मकान सुपुर्द कर दिया गया।
महिला की हालत नाजुक
जहर खाने के बाद महिला को 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल लाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत रायपुर रेफर कर दिया गया।
परिजनों का आरोप – ‘अन्याय हुआ है’
महिला के परिजनों ने आरोप लगाया कि फाइनेंस कंपनी ने अन्यायपूर्ण तरीके से दबाव बनाया। बीमा राशि क्लियर होने के बाद भी उनकी मां को परेशान किया गया और घर से बेदखल करने तक की नौबत आ गई। परिजनों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
प्रशासनिक महकमे में हड़कंप
तहसील कार्यालय में हुई इस घटना ने पूरे जिले के प्रशासनिक अमले को हिला दिया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी और महिला का जीवन बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।