उदयपुरा Gangrape by father, sons and relatives मध्यप्रदेश के रायसेन जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। उदयपुरा थाना क्षेत्र में 25 साल की एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना का खुलासा हुआ है। इस पूरे मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों में आपस में रिश्तेदार भी शामिल हैं।
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(In Raisen district’s Udaipura, a shocking case of gangrape of a 25-year-old woman by her relatives has come to light. Police have registered a case against six accused, arrested three of them, and sent them to jail.)
पुलिस के अनुसार, महिला को शादी का झांसा देकर पहले जबलपुर से रायसेन लाया गया और फिर कई दिनों तक अलग-अलग जगहों पर रखकर उसके साथ बलात्कार किया गया। मामले में पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य की तलाश अभी जारी है।
Gangrape by father, sons and relatives
कैसे हुआ पूरा मामला?
पीड़िता की शिकायत के मुताबिक, 2 जून को आरोपी मनोज अहिरवार और उसके रिश्तेदार जीतेन्द्र अहिरवार उसे जबलपुर के दीनदयाल बस स्टैंड से बहला-फुसलाकर मोटरसाइकिल से उदयपुरा लाए। वहां मनोज और जीतेन्द्र ने अपने रिश्तेदार शैलेंद्र अहिरवार की मदद से पीड़िता को लगभग एक महीने तक अपने पास रखा और इस दौरान उसके साथ लगातार बलात्कार किया।https://youtube.com/shorts/2zuLD16_MAA?si=zKESrtaZ_ajlwNlR
इसके बाद तीनों आरोपी पीड़िता को अपने दूसरे रिश्तेदार के घर, ग्राम अनघोरा (थाना देवरी) छोड़ आए। यहां मोहन अहिरवार उर्फ गुड्डा (50 वर्ष) और उसके दो बेटे बड्डडू तथा छुट्टन ने एक हफ्ते तक पीड़िता को घर में रखा और उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया।
सोनू ने की मदद, घरवालों से हुई मुलाकात
अनघोरा में ही पीड़िता की मुलाकात सोनू अहिरवार नाम के युवक से हुई। सोनू ने पीड़िता के आधार कार्ड से उसके घरवालों का नंबर निकाला और उसकी मां से बात कराई। इसके बाद पीड़िता की मां अपने रिश्तेदारों के साथ अनघोरा पहुंची और बेटी को वहां से छुड़ाया।
यही नहीं, सोनू ने पीड़िता की शादी भी करवा दी। रक्षा बंधन के मौके पर पीड़िता जब अपने मायके पहुंची तो उसने पूरी घटना अपने घरवालों को बताई। इसके बाद पीड़िता ने थाना बेलगांव (जिला जबलपुर) में रिपोर्ट दर्ज कराई। वहां से मामला ज़ीरो पर दर्ज कर उदयपुरा थाने भेजा गया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
उदयपुरा थाना पुलिस ने गंभीरता को देखते हुए मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 318/2025 धारा 70(1) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया।
जैसे ही मामला सामने आया, रायसेन एसपी पंकज कुमार पांडे, एएसपी कमलेश कुमार खरपुसे और एसडीओपी कुंवर सिंह मुकाती ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कीं। साइबर सेल की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की गई और संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई।
तीन आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
पुलिस टीम को कार्रवाई में सफलता मिली और तीन आरोपियों — मोहन अहिरवार उर्फ गुड्डा, उसका बेटा बड्डडू और छुट्टन — को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। इसके बाद तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।https://dainikhistory.com/
हालांकि अभी भी तीन अन्य आरोपी मनोज, शैलेंद्र और जीतेन्द्र पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उनकी तलाश के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस अधिकारियों और टीम की भूमिका
इस मामले की जांच और गिरफ्तारी अभियान में कई अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने अहम भूमिका निभाई। इनमें एसडीओपी कुंवर सिंह मुकाती, उप निरीक्षक केशव शर्मा, उप निरीक्षक परवेज रिजवी, प्रधान आरक्षक पुष्पेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, विद्या विश्वकर्मा, आरक्षक लीलाधर पटेल और आरक्षक जितेंद्र राजपूत शामिल रहे।
लोगों में आक्रोश और सवाल
यह घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा और आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर किस तरह रिश्तेदार ही इस तरह की शर्मनाक वारदात में शामिल हो सकते हैं। समाज में महिला सुरक्षा और भरोसे पर इस घटना ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।https://twitter.com/DainikHistory/status/1960541365814673666?t=wCh_D21IHBERgP5CORcDiw&s=19