The thugs carried out the robbery by posing as police. देवरी क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब नकली पुलिस बनकर आए दो ठगों ने एक युवक के साथ सरेआम लूटपाट की घटना को अंजाम दिया। यह घटना शाम को हुई और इसने एक बार फिर देवरी में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर सवाल खड़ा कर दिया है।
ठगों ने पुलिस बनकर दिया लूट को अंजाम
पीड़ित अनुज जैन ने पूरी घटना बताते हुए कहा कि वह अपने दोस्त राजेश साहू के साथ आस्तिक वेयरहाउस अपना ट्रैक्टर लेने जा रहे थे। शाम करीब 5 बजे, थाना मोड़ पर अचानक एक मोटरसाइकिल पर सवार दो लोग आए और उन्हें रोक लिया। उन्होंने खुद को पुलिस वाला बताते हुए कहा कि “हम पुलिस से हैं और आगे एक बहुत बड़ी चोरी हो गई है।”
इसके बाद उन्होंने अनुज को धमकाते हुए कहा कि “आपने जो सोने की अंगूठी पहनी हुई है, उसे उतार कर जेब में रख लीजिए।” अनुज ने बताया कि उन्होंने देखा कि पीछे से एक और गाड़ी आई, जिसमें सवार व्यक्ति ने अपनी सोने की चेन और अंगूठी उतारकर उन दोनों लड़कों को दे दी। यह देखकर डर के मारे अनुज ने भी अपनी सोने की अंगूठी, जिसकी कीमत लगभग ₹30,000 थी, उन्हें दे दी।
“हम गुप्त पुलिस वाले हैं, वर्दी नहीं पहनते”
अनुज ने सोचा कि वाकई ये पुलिस वाले होंगे। जब उन्होंने पूछा कि “आप वर्दी क्यों नहीं पहने हुए हैं?”, तो ठगों ने जवाब दिया, “हम गुप्त पुलिस का काम कर रहे हैं, इसलिए वर्दी नहीं पहनते। हम जितना कह रहे हैं, उतना कर दीजिए नहीं तो आपका गाड़ी का लाइसेंस, कागज और गाड़ी किसके नाम है – सारे कागज दिखाइए।” इस डर के मारे अनुज ने भी अपनी अंगूठी उन्हें सौंप दी।
ठगों ने चालाकी से अंगूठी को एक कागज में लपेटकर अनुज को वापस दे दिया और कहा कि “इसको ऐसे नहीं, एक कागज में लपेटकर रखना है।” उनके जाते ही जब अनुज ने कागज खोलकर देखा, तो उसमें अंगूठी की जगह सिर्फ एक पत्थर रखा हुआ था। तब उसे एहसास हुआ कि वह लूट का शिकार हो गया है।
पुलिस में शिकायत दर्ज, सीसीटीवी में दिखी गाड़ी लेकिन नंबर गायब
लूट का एहसास होते ही अनुज ने तुरंत अपने भाइयों को सूचना दी, जो घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद वे सब देवरी थाने पहुंचे और पूरी घटना दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है। इसके बाद अनुज और उसके भाई पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों को देखने गए, जहां उन्हें ठगों की गाड़ी तो नजर आई, लेकिन उसके नंबर स्पष्ट नहीं थे।
देवरी में बढ़ती आपराधिक घटनाएं: कब लगेगा अंकुश?
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। एक तरफ पुलिस बार-बार लोगों से अपील कर रही है कि वे किसी भी अनहोनी घटना से बचें और अनजान लोगों पर भरोसा न करें, वहीं दूसरी तरफ देवरी क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। अपराधों पर अंकुश लगाने में देवरी पुलिस कब कामयाब होगी, यह एक बड़ा सवाल है।