डिकेश शर्मा दुर्गूकोदल, Preparation of 1000 Rakhis in Durgukodal, a unique initiative by women’s groups रक्षाबंधन के खास मौके पर दुर्गूकोदल में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत एक अनोखी पहल देखने को मिली। यहां स्व सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने हाथों से 1000 से अधिक राखियां बनाकर न सिर्फ भाईचारे का संदेश दिया, बल्कि ये राखियां अब क्षेत्र में तैनात सुरक्षा बलों को रक्षा सूत्र के रूप में बांधी जाएंगी।
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यह पूरा आयोजन जनपद पंचायत दुर्गूकोदल के सामुदायिक भवन में आयोजित किया गया, जिसमें ‘राखी मेकिंग प्रतियोगिता’ का आयोजन भी किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य महिलाओं के हुनर को मंच देना और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना था।
स्व सहायता समूह की महिलाओं की अनोखी पहल
मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुरेंद्र बंजारे और बीपीएम नंदिनी दीवान के मार्गदर्शन में यह पूरा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित हुआ। विकासखंड दुर्गूकोदल के विभिन्न क्लस्टर संगठनों और उनसे जुड़े स्व सहायता समूहों की महिलाओं और कैडरों ने मिलकर अब तक करीब 1000 राखियां तैयार की हैं।
इन राखियों को 9 अगस्त 2025 को रक्षाबंधन के दिन दुर्गूकोदल क्षेत्र की सभी पंचायतों में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों को बांधा जाएगा, ताकि उन्हें यह अहसास हो कि वे अपने घर से दूर रहते हुए भी अपनेपन और सम्मान से जुड़े हुए हैं।
राखी मेकिंग प्रतियोगिता में दिखा महिलाओं का हुनर
8 अगस्त को जनपद पंचायत के सामुदायिक भवन में आयोजित इस प्रतियोगिता में जनपद सदस्य एवं सभापति सविता उइके, पूर्व जनपद अध्यक्ष संतोष दुग्गा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुरेंद्र बंजारे, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी आर.डी. ठाकुर, सहायक विकास विस्तार अधिकारी आर.एस. मड़ावी, बीपीएम नंदिनी दीवान और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
महिलाओं ने इस प्रतियोगिता में रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियां बनाईं। हर राखी में एक भावनात्मक जुड़ाव और भाईचारे का प्रतीक नजर आया। कार्यक्रम में बिहान आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत पीआरपी हीरेश्वरी कोराम, दिनेश्वरी साहू, ममता ठाकुर, निर्मला निषाद सहित स्वास्थ्य समूह की कई महिलाएं भी शामिल हुईं।
रक्षाबंधन के जरिए दिया सामाजिक संदेश
इस पहल के जरिए महिलाओं ने न केवल अपनी कला और मेहनत को दर्शाया, बल्कि यह भी दिखाया कि कैसे त्यौहारों के माध्यम से समाज में सौहार्द और सहयोग की भावना को मजबूत किया जा सकता है। इन राखियों में बहनों का प्यार, सुरक्षा की दुआ और देश के रक्षकों के प्रति सम्मान छिपा हुआ है।