अंबिकापुर, 9 अक्टूबर 2025: WildlifeWeek2025 वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, सरगुजा वनमंडल द्वारा आयोजित वन्यप्राणी सप्ताह का भव्य समापन बुधवार को उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक चले इस सप्ताह में कई जागरूकता कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं और रैलियों का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूली बच्चों, स्काउट-गाइड सदस्यों और वनकर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
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जनजागरूकता के साथ हुई शुरुआत
वन्यप्राणी सप्ताह की शुरुआत 2 अक्टूबर को जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह ने की। उन्होंने लुंड्रा परिक्षेत्र से “गजरथ” को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह गजरथ विशेष रूप से हाथी प्रभावित इलाकों में निकाला गया था, जिसका उद्देश्य “मानव-हाथी सहअस्तित्व” के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना था। WildlifeWeek2025
रैलियों और अभियानों ने बढ़ाया उत्साह
3 अक्टूबर को Animal Adoption Campaign के तहत वनकर्मियों ने बाइक रैली निकाली। इस रैली के माध्यम से ग्रामीणों को वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
4 अक्टूबर को बच्चों के लिए चित्रकला और निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। छोटे-छोटे बच्चों ने प्रकृति और वन्यजीवों से जुड़ी सुंदर कलाकृतियां बनाकर सबका मन मोह लिया। WildlifeWeek2025
ट्रेकिंग से मिली नई सीख
5 अक्टूबर को स्काउट-गाइड बच्चों के लिए महामाया पहाड़ से बांकी डैम तक ट्रेकिंग का आयोजन हुआ। ट्रेकिंग के दौरान विशेषज्ञों ने बच्चों को जंगल की वनौषधियों, पेड़-पौधों और उनके उपयोगों के बारे में विस्तार से बताया। यह अनुभव बच्चों के लिए बेहद ज्ञानवर्धक रहा। WildlifeWeek2025
वनकर्मियों के लिए विशेष कार्यक्रम
6 अक्टूबर को वनकर्मियों के लिए Anti-Snare Walk का आयोजन किया गया। इसमें उन्हें अवैध जाल और शिकार के उपकरणों की पहचान और रोकथाम के तरीके सिखाए गए। इसी दिन फोटोग्राफी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें वन क्षेत्र के सुंदर नजारे और वन्यजीवों की तस्वीरें कैमरे में कैद की गईं। WildlifeWeek2025
डॉक्यूमेंट्री और संवाद सत्र
7 अक्टूबर को उच्चतर माध्यमिक शाला में “Under the Stars” कार्यक्रम रखा गया। विद्यार्थियों ने “रणथंभौर की बाधिन मछली” पर आधारित प्रेरणादायक डॉक्यूमेंट्री देखी, जिससे वन्यजीव संरक्षण की अहमियत पर उन्हें गहराई से समझ मिली।
समापन समारोह में मिला प्रेरक संदेश
8 अक्टूबर को वन्यप्राणी सप्ताह का समापन कार्यक्रम गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक दिलराज प्रभाकर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान Nova Nature के सिद्धांत जैन ने “मानव-हाथी सहअस्तित्व” विषय पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि कैसे जागरूकता और समझदारी से इंसान और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखा जा सकता है। WildlifeWeek2025
मुख्य वन संरक्षक प्रभाकर ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति की सुरक्षा केवल सरकार या विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से “ग्रीन एम्बेसडर” बनकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में छोटे-छोटे लेकिन सार्थक कदम उठाने की अपील की। WildlifeWeek2025
प्रतियोगिता में झलका बच्चों का टैलेंट
समापन कार्यक्रम में प्रशिक्षु आईएफएस सुश्री श्वेता कंबोज ने सप्ताहभर की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके बाद विजेताओं को प्रमाणपत्र और पुरस्कार दिए गए। WildlifeWeek2025
चित्रकला प्रतियोगिता में प्राथमिक श्रेणी में कियान वर्मा और सृष्टि सिन्हा, मिडिल श्रेणी में ऋद्राक्षी जैन और वंश सिन्हा, हाई स्कूल श्रेणी में आर्या वर्मा और सीमा नागेसिया, जबकि हायर सेकेंडरी में एलिसिबा तिर्की ने शीर्ष स्थान हासिल किया।
फोटोग्राफी प्रतियोगिता में पवन प्रताप सिंह और जितेंद्र कुमार चंद्रवंशी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। वन्यजीव श्रेणी में जितेंद्र चंद्रवंशी प्रथम, अंशुमाला टोप्पो द्वितीय और लवकुश पांडे व पवन प्रताप सिंह संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे।
सफल आयोजन में सबका योगदान
इस पूरे आयोजन का संचालन वनमंडल अधिकारी अभिषेक जोगावत, प्रशिक्षु आईएफएस सुश्री श्वेता कंबोजऔर सहायक वनमंडलाधिकारी श्रीमती जेनी ग्रेस के निर्देशन में हुआ। WildlifeWeek2025
वहीं परिक्षेत्र अधिकारी निखिल पैकरा, प्रशिक्षु वन क्षेत्रपाल पुजा यादव, प्रेमलता और अन्य वनकर्मियों ने अपने समर्पित प्रयासों से कार्यक्रम को सफल बनाया।
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प्रकृति के प्रति जागरूकता का संदेश
वन्यप्राणी सप्ताह ने न केवल बच्चों और वनकर्मियों में उत्साह भरा, बल्कि लोगों को यह भी याद दिलाया कि प्रकृति और वन्यजीव हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। इस आयोजन ने पर्यावरण संरक्षण और मानव-प्रकृति के सहअस्तित्व के महत्व को नई दिशा दी।