कांकेर, 8 अगस्त 2025। देश की सेवा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों और उनके परिवारों को अब न्याय और सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए कानूनी मदद के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। कांकेर जिला सैनिक कल्याण बोर्ड में ‘लीगल सर्विसेज क्लीनिक’ की स्थापना कर दी गई है, जो वीर परिवारों को मुफ्त कानूनी सलाह और सहायता देगा। (Legal Services Clinic was started in Kanker under Veer Parivar Sahayata Yojana. This clinic will provide free legal aid to brave soldiers and their families.)
इस क्लीनिक की शुरुआत नालसा (NALSA) वीर परिवार सहायता योजना के अंतर्गत की गई है। उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री आनंद कुमार ध्रुव मौजूद रहे। उन्होंने फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर क्लीनिक का विधिवत शुभारंभ किया।
वीर परिवारों के लिए समर्पित पहल
इस मौके पर जिला सैनिक कल्याण बोर्ड के अधिकारी श्री संजय शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि यह क्लीनिक वीर सैनिकों, उनके परिजनों और शहीद परिवारों को निःशुल्क कानूनी सहायता देगा। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वाले जवानों के परिवारों को उनके अधिकार, मुआवजा, पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
क्या सुविधाएं मिलेंगी क्लीनिक में?
इस कानूनी सहायता केंद्र से वीर परिवारों को कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी, जैसे:
निःशुल्क विधिक सलाह और सहायता
कोर्ट और सरकारी विभागों से जुड़ी समस्याओं पर मार्गदर्शन
शहीद परिवारों के लंबित मामलों की निगरानी
पेंशन, मुआवजा, सरकारी नौकरी जैसे मामलों में फॉर्म भरने से लेकर कानूनी प्रक्रिया तक मदद
न्यायालयीन मामलों में नि:शुल्क अधिवक्ता की सुविधा
शुक्ला ने यह भी बताया कि ये सेवाएं साप्ताहिक रूप से दी जाएंगी और क्लीनिक में नियुक्त अधिवक्ताओं की टीम उपलब्ध रहेगी।
कार्यक्रम में जुटे कई अधिकारी और अधिवक्ता
इस शुभ अवसर पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती विभा पांडे, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भास्कर मिश्र, अपर कलेक्टर जितेंद्र कुर्रे, कल्याण संयोजक एस.पी. त्रिपाठी, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नरेंद्रदेव दवे और लीगल एंड डिफेंस काउंसिल के सदस्यगण उपस्थित रहे।
सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह क्लीनिक न सिर्फ कानूनी मदद का माध्यम होगा, बल्कि वीर परिवारों के सम्मान और आत्मबल को बढ़ावा देने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
सम्मान के साथ न्याय की ओर बढ़ता कदम
कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि समाज का हर नागरिक देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों और उनके परिवारों का ऋणी है। ऐसे में यह कानूनी सहायता केंद्र उनकी समस्याओं को हल करने का एक ठोस जरिया बनेगा।
अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने भी आश्वासन दिया कि वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ क्लीनिक में अपनी सेवाएं देंगे और किसी भी प्रकार की कानूनी अड़चनों को दूर करने में मदद करेंगे।