दंतेवाड़ा। बस्तर की धरती ने इस बार रक्षाबंधन पर एक ऐसी मिसाल कायम की, जो भाईचारे, विश्वास और स्थायी शांति का प्रतीक बन गई। इस खास मौके पर ‘दंतेश्वरी फाइटर’ महिला कमांडो और आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की कलाई पर राखी बांधकर एक अनोखा संदेश दिया — कि जहां कभी गोलियों की गूंज थी, वहां अब रिश्तों की मिठास और भरोसे का धागा मजबूत हो रहा है। (Rakshabandhan in Dantewada: Women commandos and former Naxalites tied Rakhi to Deputy Chief Minister)
शनिवार को आयोजित इस भावुक कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, “बस्तर में रक्षाबंधन केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक जुड़ाव और स्थायी शांति का प्रतीक है। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि रिश्तों की ताकत किसी भी हिंसा से बड़ी होती है।”
इस मौके पर प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, बस्तर कमिश्नर, बस्तर रेंज के आईजी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी ने राखी बंधवाकर इस खास पर्व को और भी यादगार और गरिमामय बना दिया।
पहली बार एक साथ दिखीं महिला कमांडो और आत्मसमर्पित नक्सली
रक्षाबंधन के इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि ‘दंतेश्वरी फाइटर’ महिला कमांडो — जो बस्तर में सुरक्षा और महिलाओं की हिम्मत का प्रतीक हैं — और आत्मसमर्पित महिला नक्सली, जिन्होंने कभी हथियार उठाए थे, एक ही मंच पर भाईचारे का संदेश दे रही थीं। यह नजारा वहां मौजूद हर व्यक्ति के दिल को छू गया।
महिला कमांडो और पूर्व नक्सलियों ने उपमुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधते हुए उन्हें सुरक्षा और सम्मान का वचन लिया, वहीं उपमुख्यमंत्री ने भी उन्हें एक नए जीवन और सम्मानजनक भविष्य का भरोसा दिलाया।
स्थायी शांति की ओर बस्तर का कदम
बस्तर लंबे समय से नक्सल हिंसा से प्रभावित इलाका रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों और सरकार के प्रयासों से यहां बदलाव की बयार बहने लगी है। इस रक्षाबंधन पर जिस तरह महिला कमांडो और पूर्व नक्सलियों ने मिलकर भाईचारे का संदेश दिया, उसने साबित कर दिया कि शांति की राह अब और मजबूत हो रही है।
स्थानीय लोगों ने भी इस मौके पर बड़ी संख्या में भाग लिया। सुरक्षा बलों के जवान, ग्रामीण और बच्चे सभी इस भावनात्मक क्षण के गवाह बने। कई ग्रामीण महिलाओं ने भी राखी बांधकर जवानों और अधिकारियों के प्रति अपना सम्मान जताया।
उपमुख्यमंत्री ने दिया भरोसा
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सरकार का मकसद केवल नक्सल हिंसा को खत्म करना नहीं, बल्कि बस्तर को विकास, शिक्षा, रोजगार और शांति का केंद्र बनाना है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन जैसे पर्व हमें यह याद दिलाते हैं कि समाज की असली ताकत एक-दूसरे पर विश्वास और आपसी सम्मान में है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने भी कहा कि यह दृश्य बस्तर के बदलते स्वरूप का उदाहरण है, जहां अब डर की जगह भरोसा और विकास ने कदम रख दिया है।
त्योहार में झलका अपनापन
आयोजन स्थल पर वातावरण बेहद भावुक और उत्सवमय था। बच्चों ने रंग-बिरंगी राखियां और मिठाइयां बांटकर खुशियां मनाईं। जवानों के चेहरों पर गर्व और संतोष साफ झलक रहा था। कई आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों ने कहा कि वे अब बस्तर के विकास में योगदान देना चाहती हैं और हिंसा की राह छोड़कर समाज का हिस्सा बनने पर गर्व महसूस कर रही हैं।