कांकेर, छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा से जुड़े प्रयासों के तहत कांकेर जिले में “बने खाबो-बने रहिबो” अभियान का व्यापक असर देखा जा रहा है। कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशन में जिले के पखांजूर और भानुप्रतापपुर क्षेत्र में ढाबों, होटलों, स्ट्रीट फूड वेंडर्स और रेस्टोरेंट्स पर खाद्य सुरक्षा जांच अभियान चलाया गया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना, खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।
कहां-कहां हुई जांच?
जांच का दायरा सीमित नहीं रहा, बल्कि जिले के प्रमुख कस्बों और बाजार क्षेत्रों जैसे पखांजूर और भानुप्रतापपुर में फैला रहा। अभियान के दौरान स्ट्रीट फूड वेंडर्स, ढाबा, रेस्टोरेंट और होटलों की रसोई से लेकर खाद्य सामग्री भंडारण तक का गहन निरीक्षण किया गया।
चलिए जानते हैं क्या-क्या पाया गया?
इस विशेष अभियान में कई गड़बड़ियों का खुलासा हुआ:
अखबारी कागज का उपयोग खाद्य परोसने में
बासी खाद्य पदार्थों का प्रयोग
पीने के पानी की स्वच्छता में लापरवाही
वेज और नॉनवेज सामान का एक ही कंटेनर में संग्रह
खाद्य पदार्थों की अस्वच्छ हैंडलिंग
इन सभी मुद्दों पर खाद्य सुरक्षा टीम ने ना केवल दुकानदारों को समझाइश दी, बल्कि कुछ जगहों पर सख्त कार्रवाई भी की गई।
कितने सेम्पल लिए गए?
इस जांच अभियान में चलित लैब से 55 से ज्यादा खाने के सामान के सैंपल मौके पर ही टेस्ट किए गए, वहीं 6 नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया है। चलित प्रयोगशाला में मौके पर ही खाद्य सामग्री की शुरुआती जांच की जाती है, जिससे तुरंत पता चलता है कि कहीं उसमें मिलावट या गुणवत्ता में कमी तो नहीं है।
जन-जागरूकता पर भी जोर
सिर्फ जांच ही नहीं, बल्कि इस अभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य जनजागरूकता फैलाना भी रहा। चलित प्रयोगशाला वाहन के जरिए विभिन्न स्थानों पर माइकिंग और प्रदर्शन कर आम लोगों को बताया गया कि कैसे वे खुद भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पहचान सकते हैं और अस्वस्थ खाना खाने से होने वाले नुकसान से बच सकते हैं।
किस पर हुई कार्रवाई?
निरीक्षण के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में अवमानक खाद्य सामग्री पाई गई, जिसे तत्काल नष्ट कराया गया। वहीं, कई अन्य दुकानों में पाई गई कमियों को लेकर नोटिस भी जारी किए गए हैं।
कौन-कौन रहे शामिल?
इस पूरे अभियान में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग कांकेर के अधिकारी व कर्मचारी सक्रिय रहे।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी भारत भूषण पटेल के नेतृत्व में विभाग की टीम ने बेहद गंभीरता से सभी स्थानों पर जांच की और रिपोर्ट तैयार की।
क्या कहते हैं प्रशासनिक अधिकारी?
खाद्य सुरक्षा अधिकारी का कहना है कि –“हमारा मकसद दुकानदारों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें सही जानकारी देकर बेहतर सेवा के लिए प्रेरित करना है। लेकिन जो भी मानक के विरुद्ध कार्य करेगा, उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।”