डिकेश्वर शर्मा, दुर्गुकोंदल (कांकेर) छत्तीसगढ़ के परंपरागत पर्व हरेली के पावन अवसर पर गोयल ग्रुप ने दुर्गुकोंदल के लोगों को बड़ी सौगात दी है। कंपनी के माइंस प्रबंधन द्वारा नगर के तीन मोहल्लों—शीतला पारा, बाजार पारा और थाना पारा—में सौर ऊर्जा (सोलर एनर्जी) से संचालित तीन वॉटर टैंकों की स्थापना करवाई गई है, जिससे क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।
गोयल ग्रुप का यह प्रयास सिर्फ CSR (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) का हिस्सा नहीं, बल्कि एक सामाजिक दायित्व की मिसाल है। कंपनी पहले भी ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए सराहनीय पहल कर चुकी है। हाल ही में ग्राम चाहचाड़ के आंगनबाड़ी भवन का जीर्णोद्धार भी इसी माइंस प्रबंधन द्वारा करवाया गया था।
पानी की समस्या से मिली राहत
दुर्गुकोंदल की सरपंच शकुंतला नरेटी ने जब गांव में पानी की किल्लत की जानकारी गोयल ग्रुप को दी, तो कंपनी के माइंस प्रबंधन ने तुरंत पहल करते हुए स्थान चयन कर तीनों प्रमुख मोहल्लों में वॉटर टैंकों की स्थापना का निर्णय लिया। ये टैंक सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों के माध्यम से पानी की आपूर्ति करेंगे, जिससे बिजली की निर्भरता खत्म होगी और पानी की उपलब्धता सुचारू रूप से बनी रहेगी।
स्थानीय लोगों ने जताया आभार
शीतला पारा, बाजार पारा और थाना पारा के रहवासियों ने इस पहल को लेकर गोयल ग्रुप और माइंस प्रबंधन का आभार जताया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों—उपसरपंच तामेश्वरी जैन, वार्ड पंच उतरा वारे, पी. दुर्गे, ओम दुग्गा, करिश्मा दुग्गा, सरोज दुग्गा सहित कई पंचगण और गणमान्य नागरिकों ने इस कार्य की सराहना की और कहा कि यह पहल क्षेत्र के लिए लंबे समय तक फायदेमंद साबित होगी।
समारोह में जुटे अधिकारी और ग्रामीण
हरेली पर्व जैसे पर्यावरण और कृषि से जुड़े पर्व पर इस तरह की जनहितैषी सौगात से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। टैंक स्थापना के मौके पर गोयल ग्रुप के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे। सबने एक सुर में इस कार्य को समाज के हित में उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
गोयल ग्रुप की CSR गतिविधियां बनीं मिसाल
गोयल ग्रुप समय-समय पर सामाजिक और विकासात्मक कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, जल प्रबंधन, महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में कंपनी का योगदान ग्रामीण विकास की दिशा में प्रभावी साबित हुआ है।
दुर्गुकोंदल जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में इस तरह की सुविधाएं, जहां सरकारी संसाधन सीमित हैं, वहां गोयल ग्रुप की भूमिका सराहनीय और प्रेरणादायक है। यह पहल अन्य कंपनियों और संस्थानों को भी अपने सामाजिक दायित्वों के प्रति सजग रहने का संदेश देती है।
निष्कर्ष
हरेली जैसे परंपरागत त्योहार के मौके पर गोयल ग्रुप की यह पहल केवल एक CSR गतिविधि नहीं, बल्कि जनता के लिए एक सच्ची सौगात है। आने वाले समय में यदि ऐसी ही पहलें जारी रहीं, तो दुर्गुकोंदल क्षेत्र विकास की नई ऊंचाइयों को जरूर छुएगा।