रिपोर्ट: आशीष परिहार | कांकेर (बस्तर)
कांकेर, 18 जुलाई 2025 –
शहर के शांत माहौल को उस समय गहरा झटका लगा जब शुक्रवार की दोपहर एक मासूम बच्चे का शव दूध नदी में मिलने की खबर से सनसनी फैल गई। घटना कांकेर शहर के पुराना बाजार इलाके में स्थित शनि मंदिर के पीछे की है, जहां नदी किनारे लोगों ने एक छोटे बच्चे का शव देखा। बच्चे ने आंगनबाड़ी की ड्रेस पहनी हुई थी, जिससे यह साफ हो गया कि वह किसी नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़ा हुआ था।
दोपहर 3 बजे मिला शव, राहगीरों ने दी पुलिस को सूचना
मौके पर मौजूद राहगीरों ने जैसे ही नदी में बच्चे का शव देखा, तुरंत कांकेर कोतवाली पुलिस को इसकी जानकारी दी। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को नदी से बाहर निकलवाया गया।
पुलिस के अनुसार, बच्चे की उम्र लगभग 3-4 वर्ष रही होगी। शव की हालत देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि घटना दोपहर करीब 2:30 से 3:00 बजे के बीच की है।
छुट्टी के बाद घर नहीं पहुंचा था बच्चा
जानकारी के अनुसार, मृत बच्चा पास के किसी आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ता था और घटना वाले दिन वह नियमित रूप से केंद्र गया था। लेकिन छुट्टी के बाद वह घर वापस नहीं लौटा। जब परिजनों को देर तक उसका कुछ पता नहीं चला तो उन्होंने खोजबीन शुरू की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
परिजनों का आरोप – आंगनबाड़ी की लापरवाही से गई जान
बच्चे की मौत से दुखी परिजनों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर बच्चों पर ढंग से निगरानी रखी जाती और समय पर घर भेजा जाता, तो शायद आज उनका बच्चा जिंदा होता।
परिवार वालों का साफ आरोप है कि केंद्र में लापरवाही बरती गई, जिससे मासूम की जान गई। अब परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं और चाहते हैं कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
पुलिस ने शुरू की जांच, सभी पहलुओं पर निगरानी
कांकेर कोतवाली पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्चा नदी तक कैसे पहुंचा, क्या वह अकेला निकला था या किसी के साथ गया था। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से भी पूछताछ जारी है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चे की मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल अचानक हुई मौत का मामला दर्ज किया गया है।
इलाके में मातम का माहौल
इस हादसे से पूरे इलाके में शोक और नाराजगी का माहौल है। लोग कह रहे हैं कि अगर बच्चों की सुरक्षा को लेकर थोड़ी भी सतर्कता बरती जाती, तो इस मासूम की जान बच सकती थी। खासकर नदी जैसे जोखिम भरे स्थान के नजदीक मौजूद शैक्षणिक संस्थानों के लिए यह एक बड़ा चेतावनी संकेत है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया जाए और इस मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।