खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को सही समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने विकासखंड भानुप्रतापपुर के कोरर क्षेत्र में स्थित कृषि सेवा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।
इस कार्रवाई का नेतृत्व वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और उप संचालक कृषि जितेंद्र कोमरा के मार्गदर्शन में किया गया। निरीक्षण टीम ने उन निजी कृषि सेवा केंद्रों को चिन्हित किया, जिन पर अमानक खाद और बीज बेचने की शिकायतें पहले से मिल रही थीं।
दुकानों में मिलीं गंभीर अनियमितताएं
जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कृषि विभाग की टीम ने दुकानों में लगे पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) मशीनों और स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। इसके अलावा दुकानदारों के स्टॉक रजिस्टर, मूल्य सूची, अनुज्ञप्ति पत्र (लाइसेंस), मौजूदा स्टॉक और रसीद वितरण व्यवस्था की भी जांच की गई।
अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई दुकानों में गंभीर खामियां देखने को मिलीं। कुछ दुकानों में स्टॉक रजिस्टर अधूरा या ठीक से अपडेट नहीं था। कई दुकानदारों ने अपनी दुकान में मूल्य सूची और लाइसेंस की कॉपी सार्वजनिक रूप से नहीं लगाई थी, जो अनिवार्य है। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि कुछ जगहों पर किसानों को खरीदी का बिल तक नहीं दिया जा रहा था और कई उत्पादों को तयशुदा दर से ज्यादा कीमत पर बेचा जा रहा था।
इन दुकानों को मिला कारण बताओ नोटिस
इन अनियमितताओं के चलते कृषि विभाग ने चार दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन दुकानों में शामिल हैं:
रवि वीरू ट्रेडर्स, कोरर
जय महाकाली कृषि सेवा केन्द्र, कोरर
राठौर कृषि सेवा केन्द्र, कोरर
कलिहारी कृषि केन्द्र, ग्राम हेटारकसा
अधिकारियों ने बताया कि इन दुकानों के खिलाफ पहले भी शिकायतें मिली थीं और एफसीओ 1985 (Fertilizer Control Order) के उल्लंघन के प्रमाण इस बार निरीक्षण में स्पष्ट तौर पर सामने आए हैं।
कार्रवाई का उद्देश्य: किसानों को मिले गुणवत्तापूर्ण उत्पाद
कृषि विभाग का साफ कहना है कि खरीफ सीजन में किसानों की फसल के लिए उच्च गुणवत्ता के इनपुट्स (खाद, बीज, कीटनाशक) बहुत जरूरी हैं। ऐसे में अगर किसी दुकान से अमानक या महंगे उत्पाद बेचे जा रहे हैं, तो यह किसानों की मेहनत और फसल दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है।
कृषि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस तरह के निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे। यदि कोई दुकानदार नियमों का उल्लंघन करते पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस निरस्तीकरण और एफआईआर तक शामिल हो सकती है।
किसान रहें सतर्क, लें रसीद
अधिकारियों ने किसानों से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की खरीदारी करते समय दुकानदार से रसीद जरूर लें। यदि कोई दुकानदार रसीद देने से मना करता है या तय दर से अधिक मूल्य मांगता है, तो इसकी शिकायत नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय में करें।
मौके पर मौजूद अधिकारी
इस निरीक्षण अभियान में खाद एवं बीज उर्वरक निरीक्षक के अलावा क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी भी मौजूद थे। इस प्रकार की संयुक्त कार्रवाई से न केवल अनियमितताओं पर लगाम लगाई जा रही है, बल्कि आने वाले समय में किसानों को राहत मिलने की भी उम्मीद है।