जितेंद्र साहू छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया कि आज भी समाज में इंसानियत जिंदा है। जनपद सदस्य सिरधन सोम और समाजसेवी व पंच डी.के. यादव ने सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक राकेश मंडावी की जिस तरह मदद की, वह न केवल सराहनीय है, बल्कि समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा भी है। (An example of humanity in Dhamtari: Public representatives came forward to help a young man injured in a road accident)
घटना तुमड़ीबाहर गांव की है, जहां राकेश मंडावी, जो कि मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है, एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया। हादसे के तुरंत बाद मेचका थाने के तत्कालीन प्रभारी राधेश्याम बंजारे, समाजसेवी डी.के. यादव और ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए राकेश को निजी वाहन से सिविल अस्पताल पहुंचाया।
लेकिन राकेश की हालत इतनी गंभीर थी कि उसे नगरी अस्पताल से तुरंत धमतरी रेफर कर दिया गया। वहां एक निजी अस्पताल में उसका इलाज जारी है। डॉक्टर्स ने बताया कि अब उसकी हालत पहले से थोड़ी बेहतर है, लेकिन इलाज में लगने वाला खर्च राकेश के परिवार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था।
जनप्रतिनिधियों ने बढ़ाया मदद का हाथ
राकेश का परिवार बेहद ही गरीब है और रोजी-मजदूरी कर जैसे-तैसे अपना गुजारा करता है। इलाज में लगने वाले हजारों रुपयों का इंतजाम उनके लिए संभव नहीं था। ऐसे में जनपद सदस्य सिरधन सोम और पंच डी.के. यादव ने इंसानियत का फर्ज निभाते हुए मदद का बीड़ा उठाया।
उन्होंने सोशल मीडिया, कॉल्स और व्यक्तिगत संपर्कों के जरिए लोगों से आर्थिक सहयोग की अपील की। उनके इस प्रयास में न सिर्फ स्थानीय जनप्रतिनिधि बल्कि समाज के तमाम वर्गों के लोग भी आगे आए।
39151 रुपए की सहयोग राशि जुटाई गई
इस मुहिम में स्थानीय विधायक अंबिका मरकाम, पूर्व विधायक लक्ष्मी ध्रुव, सरपंच नरेश मांझी, पूर्व सरपंच बिमला ध्रुवा, उप सरपंच रूपेश नाग, समाजसेवी सन्नी छाजेड़, शिक्षक, शासकीय कर्मचारी, व्यापारी, पत्रकार, मितानिन और रायपुर, बालोद, गरियाबंद व बस्तर जिलों के लोग भी शामिल हुए।
इन सभी लोगों के सहयोग से स्कैनर और फोन पे के माध्यम से कुल ₹39151 रुपए की सहायता राशि एकत्रित की गई, जिसे राकेश के इलाज के लिए उनके परिजनों को सौंपा गया।
स्थानीय लोगों ने जताई सराहना
इस दौरान जनपद सदस्य सिरधन सोम, उपसरपंच रूपेश नाग, सभापति डी.के. यादव, अश्वनी ध्रुव, सुशील ध्रुव, दुकालू राम ध्रुव, कन्हैयालाल नेताम सहित कई लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि हम सबको ऐसे मामलों में आगे आकर मदद करनी चाहिए। यही असली समाजसेवा और मानवता है।