रक्षाबंधन के पावन अवसर पर जहां बहनें अपने भाइयों के लिए प्यार और सुरक्षा की कामना करती हैं, वहीं सरगुजा जिले के उदयपुर क्षेत्र में इस बार यह त्योहार कुछ खास अंदाज़ में मनाया गया। भारत स्काउट और गाइड जिला संघ सरगुजा द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “एक राखी सैनिक भाई के नाम” के तहत स्कूली छात्राओं ने देश की रक्षा में तैनात वीर सैनिकों को समर्पित करते हुए अपने हाथों से राखियां तैयार कीं।
देशभक्ति और स्नेह का संगम
25 जुलाई 2025 को शुरू हुई इस पहल में सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के विभिन्न स्कूलों की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सैनिकों के प्रति सम्मान, प्यार और आभार व्यक्त करना है, जो अपने घर-परिवार से दूर रहकर देश की सुरक्षा में लगे हुए हैं। इस अभियान के ज़रिए बालिकाओं ने अपने भावनाओं को राखियों के ज़रिए व्यक्त किया।
इन स्कूलों की छात्राएं बनीं मिसाल
इस खास आयोजन में कन्या माध्यमिक विद्यालय झिरमिटी, शासकीय हाई स्कूल ग्राम जजगा, शासकीय हाई स्कूल फुलचुही, डीएवी एमपीएस सानीबर्रा सहित कई स्कूलों की गाइड्स (छात्राएं) शामिल रहीं। उन्होंने पारंपरिक सामग्रियों से सुंदर-सुंदर राखियां बनाई और उन्हें सैनिक भाइयों को समर्पित करने हेतु तैयार किया।
छात्राओं का उत्साह देखने लायक था। कई छात्राओं ने न केवल राखी बनाई, बल्कि उसके साथ भावनात्मक पत्र भी जोड़े, जिसमें उन्होंने सैनिकों के त्याग, समर्पण और साहस को सलाम किया।
अभियान में शिक्षकों की रही अहम भूमिका
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालयों के प्राचार्यों, शिक्षकों, प्राध्यापकों और स्काउट-गाइड प्रभारी शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने न केवल बच्चों को प्रेरित किया, बल्कि उन्हें रक्षाबंधन के सामाजिक और भावनात्मक महत्व को भी समझाया। शिक्षकों ने बच्चों को यह सिखाया कि एक छोटी-सी राखी भी देशभक्ति का बड़ा संदेश दे सकती है।
रक्षा के साथ जुड़ा भावनात्मक बंधन
कार्यक्रम में शामिल एक छात्रा ने बताया, “हमने अपने सैनिक भाइयों के लिए यह राखी दिल से बनाई है। जब वे इसे देखेंगे तो उन्हें भी लगेगा कि उनके पीछे पूरा देश खड़ा है।” वहीं एक शिक्षक का कहना था, “यह पहल न केवल रक्षाबंधन को खास बनाती है, बल्कि बच्चों में राष्ट्र के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना भी जगाती है।”
राखियां भेजी जाएंगी सैनिकों तक
इन राखियों को अब डाक या किसी विशेष माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों में तैनात सैनिकों तक भेजा जाएगा। इससे निश्चित तौर पर हमारे जवानों को भावनात्मक संबल मिलेगा और यह एहसास होगा कि पूरा देश उनकी कर्तव्यपरायणता और बलिदान के साथ है।
अभियान को मिली सराहना
“एक राखी सैनिक भाई के नाम” प्रतियोगिता को जिलेभर में सराहना मिल रही है। यह कार्यक्रम न केवल एक रचनात्मक गतिविधि रहा, बल्कि इससे बच्चों में देश के प्रति सम्मान की भावना भी मजबूत हुई है। आने वाले समय में ऐसे अभियान बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं।