जितेंद्र साहू धमतरी रक्षाबंधन के पावन अवसर पर कुछ खास पल उन वीर जवानों के नाम रहे, जो देश की रक्षा में हमेशा तैनात रहते हैं। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बिन्द्रानवागढ़ के जंगलों में तैनात C65 CRPF कैंप के जवानों के लिए रक्षाबंधन का यह दिन हमेशा यादगार बन गया, जब धमतरी जिला साहू समाज की बहनों ने कैंप पहुंचकर उनके हाथों में राखी बांधी।
(On Rakshabandhan, sisters of Sahu community tied Rakhi to CRPF soldiers, songs of brotherhood echoed in the forest)
बहनों ने न सिर्फ रक्षासूत्र बांधा, बल्कि घर का बना पकवान – अरसा, खुरमी और ठेठरी भी जवानों को खिलाया। ये नज़ारा इतना भावुक था कि वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। भाई-बहन के गीतों और प्यार भरे लम्हों ने जवानों को घर की याद दिला दी।
“ऐसा लगा जैसे अपनी बहनें आ गई हों…”
मेजर दिनकर प्रसाद चतुर्वेदी ने कहा – “हम नक्सल मोर्चे पर तैनात रहते हैं, घर से दूर। लेकिन आज साहू समाज की बहनों ने जो स्नेह और अपनापन दिया, वो हमारे लिए भावुक करने वाला पल रहा। जब बहनों ने राखी बांधी और घर के स्वादिष्ट पकवान खिलाए, तो ऐसा लगा मानो हमारी सगी बहनें हमारे सामने हैं।”
“दिल को छू गई ये राखी”
एसआई गुनेश्वरी नरेटी ने भी भावुक होते हुए कहा – “आज का दिन महीनों बाद ऐसा लगा जब दिल को सुकून मिला। साहू समाज की बहनों ने जो अपनापन दिया, उससे कैंप में एक नई ऊर्जा और उत्साह की लहर दौड़ गई।”
“भाइयों को अकेलापन न लगे, यही हमारा कर्तव्य”
साहू समाज जिला अध्यक्ष अवनेंद्र साहू ने बताया कि – “रक्षाबंधन जैसे पर्व पर देश सेवा में लगे जवानों को अकेला न महसूस हो, इसी सोच के साथ हमारे समाज की बहनें आज उनके साथ खड़ी रहीं। यह हमारी सामाजिक ज़िम्मेदारी है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि ये सभी जवान और उनके परिवार दीर्घायु और सुखी जीवन जिएं।”
जिला उपाध्यक्ष केकती साहू ने कहा – “देश की रक्षा में लगे जवानों के लिए यह छोटा सा प्रयास था कि हम उन्हें परिवार जैसा माहौल दे सकें। उन्हें ये पर्व यादगार और प्रेरणादायक लगे, यही हमारा उद्देश्य था।”
कैंप में दिखा अपनापन और उत्साह
इस मौके पर कैंप में निरीक्षक शंकर सिंह, दलजीत सिंह, इंद्रलाल कचेर, एमडीएम रहमान, शुभम कुमार, सुरेंद्र युवाने, रामकुमार कुशवाहा, साजी कुमार पी, सुनील कुमार प्रधान, अनिल कुमार एम, सुनील नेताम सहित कई जवान मौजूद रहे।
वहीं साहू समाज की ओर से केकती साहू, चन्द्रकला साहू, मंजूषा साहू, देहुती साहू, परमिला साहू, विजयलक्ष्मी साहू, यशोदा साहू, दीपेश्वरी साहू, सत्यवती साहू, सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।
जिला मीडिया प्रभारी उपेंद्र साहू और भीष्म साहू ने भी बहनों के साथ मिलकर पूरे आयोजन को सुंदर रूप देने में सहयोग किया।
एक दिन जिसने हर दिल को छू लिया
रक्षाबंधन पर साहू समाज की बहनों द्वारा किया गया यह आयोजन न केवल सैनिकों के लिए स्नेहभरा संदेश रहा, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे की मिसाल भी बन गया। जंगलों के बीच जहां आमतौर पर संघर्ष और ड्यूटी का सन्नाटा पसरा रहता है, वहां रक्षासूत्र की मिठास और प्यार की आवाज़ गूंज उठी।