कांकेर/अंतागढ़: रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के रिश्ते को मजबूती देने वाला पर्व माना जाता है, लेकिन जब यही पर्व देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों के साथ मनाया जाए, तो इसका भाव और भी गहरा हो जाता है। ऐसा ही एक भावनात्मक, प्रेरणादायक और गर्व से भरपूर दृश्य देखने को मिला 28वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, अंतागढ़ के परिसर में, जहाँ रक्षाबंधन के मौके पर राखी का त्योहार देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया।
🇮🇳 सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व का संगम
इस विशेष आयोजन में “सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व” जैसे उच्च आदर्शों को आत्मसात करते हुए जवानों और समाज के बीच आत्मीय जुड़ाव का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया गया। यह आयोजन सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि सेना और समाज के बीच विश्वास की डोर को और मजबूत करने का अवसर बन गया।
छात्राओं ने बहनों की तरह बांधी राखी
रक्षाबंधन कार्यक्रम में स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल, कोरर और शहीद राजेश पवार हायर सेकेंडरी स्कूल, अंतागढ़ की जूनियर रेडक्रॉस इकाइयों की छात्राओं ने भाग लिया। इन छात्राओं ने अपने मार्गदर्शक शिक्षक रुद्र प्रताप सोनी और हुमा पिस्दा के नेतृत्व में जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जवानों को राखी बांधते समय छात्राओं ने उन्हें “देश के असली रक्षक” बताते हुए उनके त्याग, समर्पण और निस्वार्थ सेवा को सलाम किया। यह दृश्य इतना मार्मिक था कि जवानों की आंखों में गर्व और भावुकता दोनों साफ झलक रही थी।
जवानों के चेहरे पर मुस्कान और संकल्प
जैसे ही बहनों ने रक्षा सूत्र बांधना शुरू किया, जवानों के चेहरों पर एक गर्व भरी मुस्कान और भावनात्मक जुड़ाव की छवि देखने को मिली। उनके हृदय में यह अहसास था कि वे केवल सीमाओं की रक्षा नहीं कर रहे, बल्कि समाज के हर पर्व और भावना के सहभागी भी हैं।
यह आयोजन न केवल परंपरा को निभाने का जरिया बना, बल्कि समाज और सशस्त्र बलों के बीच मजबूत रिश्तों की डोर को और भी मजबूत करने का अवसर भी।
कमांडेंट का प्रेरणादायक संदेश
इस आयोजन की अगुवाई कमांडेंट अरुण देवगम के नेतृत्व में हुई। उनके साथ द्वितीय कमान अधिकारी सुरेश कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी आयोजन में उपस्थित रहे।
कमांडेंट देवगम ने अपने संबोधन में कहा:
“रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं है, यह विश्वास, समर्पण और सुरक्षा का प्रतीक है। जवानों के लिए यह समाज से जुड़ने और भावनात्मक ऊर्जा पाने का सशक्त माध्यम बनता है।”
उनके इस वक्तव्य ने इस आयोजन की भावनात्मक गहराई को और भी अधिक स्पष्ट कर दिया।
समाज से आत्मीय जुड़ाव की मिसाल
28वीं वाहिनी SSB, अंतागढ़ ने इस अवसर पर यह संकल्प भी लिया कि आने वाले समय में भी इसी तरह के आयोजन कर वे समाज से भावनात्मक और आत्मीय जुड़ाव को और भी प्रगाढ़ करते रहेंगे।
यह आयोजन इस बात का जीवंत प्रमाण है कि वर्दीधारी जवान केवल सीमाओं की रक्षा नहीं करते, बल्कि समाज के हर उत्सव, हर भावना और हर रिश्ते का सम्मान करते हैं।
समाज के अन्य प्रतिनिधियों की उपस्थिति
इस गरिमामय अवसर पर रेडक्रॉस सोसाइटी से जिला संगठक पवन कुमार सेन, राज्य प्रतिनिधि अनुपम जोफर, सदस्य अनुराग उपाध्याय, देव राम नाग, राजेंद्र नेताम, तोमेश्वरी मानकर, सहदेव सोनवानी, तथा बड़ी संख्या में सशस्त्र सीमा बल के जवान उपस्थित रहे।