रामकुमार भारद्वाज, कोण्डागांव
थाना फरसगांव पुलिस ने मंगलवार 23 जुलाई 2025 को स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय में ‘चलित थाना’ लगाकर एक खास जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान स्कूल के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराध, यातायात नियमों, महिला एवं बाल अपराधों, नशामुक्ति और भारत सरकार द्वारा लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों की जानकारी दी गई।
इस कार्यक्रम का मकसद बच्चों को नए कानूनी बदलावों और साइबर अपराधों की जानकारी देना था, ताकि वे खुद सतर्क रहें और अपने परिवार व समाज को भी सजग बना सकें।
पुलिस का जागरूकता अभियान
यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक वाय. अक्षय कुमार के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कौशलेन्द्र देव पटेल के मार्गदर्शन और अनुविभागीय अधिकारी फरसगांव अभिनव उपाध्याय के निर्देशन में आयोजित किया गया। इस दौरान थाना फरसगांव की पुलिस टीम ने स्कूल परिसर में ‘चलित थाना’ लगाकर उपस्थित बच्चों व शिक्षकों को विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
तीन नए आपराधिक कानूनों की जानकारी
पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को भारत सरकार द्वारा लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों –
भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS),
भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 (BSA),
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (BNSS)
के बारे में सरल भाषा में समझाया। अधिकारियों ने बताया कि ये कानून अपराध के मामलों में अधिक पारदर्शिता और तेजी से न्याय दिलाने के उद्देश्य से बनाए गए हैं।
साइबर अपराध से सतर्क रहने की सीख
बच्चों को साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं पर सतर्क रहने की सलाह दी गई। पुलिस टीम ने बताया कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी किसी के साथ शेयर न करें और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचें। इसके अलावा बताया गया कि साइबर ठगी की शिकार होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।
महिला व बाल सुरक्षा पर फोकस
छात्राओं को विशेष रूप से महिला अपराधों और उनसे जुड़े कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई। बच्चों को यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधियों, छेड़छाड़ या शोषण की स्थिति में कैसे कानूनी सहायता ली जा सकती है।
नशामुक्ति और यातायात नियमों की जानकारी
कार्यक्रम में यह भी समझाया गया कि नशा न सिर्फ शरीर के लिए हानिकारक है बल्कि भविष्य को भी बर्बाद कर सकता है। साथ ही, बाइक चलाते समय हेलमेट पहनना, ट्रैफिक सिग्नल का पालन करना और सीट बेल्ट लगाना जैसे जरूरी नियमों के पालन की सीख भी दी गई।
शिक्षकों और बच्चों ने सराहा
विद्यालय के शिक्षकों और बच्चों ने इस जागरूकता कार्यक्रम की सराहना की। शिक्षकों का कहना था कि इस तरह के आयोजन बच्चों को कानून और समाज के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाते हैं। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने पुलिस अधिकारियों से सवाल भी पूछे, जिनका उत्तर अधिकारियों ने सहजता और स्पष्टता से दिया