Order passed by High Court, Bilaspur : कोरिया जिले में सड़कों पर आवारा मवेशियों की वजह से बढ़ती दुर्घटनाओं और ट्रैफिक की समस्या पर प्रशासन अब काफी सख्त हो गया है. कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट ने इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए हैं. यह कदम माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर के आदेश और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद उठाया गया है.
कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश में साफ कहा गया है कि पहले भी कई बार इस संबंध में निर्देश दिए गए थे, लेकिन विभागों ने उतनी गंभीरता नहीं दिखाई, जिसका नतीजा यह हुआ कि सड़क दुर्घटनाएं और जान-माल का नुकसान बढ़ता रहा.
क्या हैं मुख्य निर्देश?
प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए कुछ अहम फैसले लिए हैं, जिन पर सख्ती से अमल किया जाएगा:
मवेशियों को हटाना: जिले की सभी सड़कों से आवारा मवेशियों को हर दिन हटाया जाएगा. यह जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी.
जागरूकता अभियान: जनपद पंचायत और नगर पालिका अधिकारी अपने-अपने इलाकों में लोगों को जागरूक करने के लिए नियमित रूप से मुनादी (घोषणा) कराएंगे. पशु चिकित्सा विभाग भी अपनी MUV (बहु-उपयोगी वाहन) गाड़ियों से माइक पर घोषणाएं करेगा.
सुरक्षा उपाय: मवेशियों को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए उनके गले में रेडियम बेल्ट जैसे सुरक्षात्मक उपाय किए जाएंगे, ताकि रात में वे आसानी से दिख सकें.
सड़कों पर पेट्रोलिंग: लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग सड़कों पर नियमित रूप से पेट्रोलिंग करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई मवेशी सड़क पर न आए.
जवाबदेही तय: सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर किसी मवेशी की वजह से दुर्घटना होती है या मवेशी की मौत हो जाती है, तो इसके लिए संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी. यानी, अब लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
पशु मालिकों पर भी होगी कार्रवाई
कलेक्टर ने यह भी साफ कर दिया है कि पशु क्रूरता अधिनियम के तहत लापरवाह पशु मालिकों पर भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. यह एक महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि अक्सर लोग अपने मवेशियों को सड़कों पर खुला छोड़ देते हैं, जिससे दूसरों की जान जोखिम में पड़ जाती है.
सभी विभागों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे इस आदेश का सख्ती से पालन करें और की जा रही कार्रवाइयों की रिपोर्ट समय-समय पर सीनियर अधिकारियों को भेजते रहें
इन विभागों को भेजा गया आदेश
ये निर्देश पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत, सभी अनुविभागीय अधिकारी (SDO), लोक निर्माण विभाग, पशु चिकित्सा सेवाएं, RTO, तहसीलदार, जनपद पंचायत और नगर पालिका अधिकारियों को भेजे गए हैं. साफ है कि अब सभी संबंधित विभागों को मिलकर इस परेशानी का हल निकालना होगा.