विजय सिंह बलरामपुर ज़िले की पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। एक नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में पुलिस ने न सिर्फ अपहृता को सकुशल बरामद किया, बल्कि आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में पुलिस की टीम की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई की सराहना हो रही है।
मामला क्या था?
यह घटना 27 मई 2025 की है, जब बलरामपुर कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि उसकी नाबालिग बेटी अचानक घर से गायब हो गई है और उसे शक है कि कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर उसे अपने साथ ले गया है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज करते हुए अपराध क्रमांक 71/2025, धारा 137(2) बीएनएस के तहत जांच शुरू कर दी।
ऑपरेशन मुस्कान के तहत कार्रवाई
जैसे ही मामला सामने आया, थाना कोतवाली बलरामपुर की टीम ने तुरंत सक्रियता दिखाई और ऑपरेशन मुस्कान के तहत अपहृता की तलाश शुरू कर दी। उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में लगातार सुराग जुटाए जा रहे थे। इसी दौरान 25 जुलाई को पुलिस को एक पुख्ता सूचना मिली।
सूचना के आधार पर टीम ने ग्राम केरता, थाना चलगली में रहने वाले आरोपी शुभम कुमार चरगट के घर दबिश दी और नाबालिग लड़की को वहां से सुरक्षित बरामद कर लिया।
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म की पुष्टि
जांच आगे बढ़ी तो एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाली बात सामने आई। पूछताछ और मेडिकल परीक्षण के आधार पर यह पता चला कि आरोपी ने नाबालिग को शादी का झांसा देकर कई बार शारीरिक शोषण किया था।
इसके बाद पुलिस ने प्रकरण में और गंभीर धाराएं जोड़ते हुए धारा 64(2/m) बीएनएस एवं POCSO एक्ट की धारा 6 को भी शामिल किया।
आरोपी को भेजा गया जेल
साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आरोपी शुभम कुमार चरगट को विधिवत गिरफ्तार किया गया और 26 जुलाई 2025 को न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
टीम की रही अहम भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस टीम ने बेहतरीन तालमेल और तेज़ी दिखाई। खासकर जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका उल्लेखनीय रही, वे हैं:
निरीक्षक भापेन्द्र साहू (थाना प्रभारी, कोतवाली बलरामपुर)
उप निरीक्षक आराधना बनोदे
प्रधान आरक्षक श्रीनाथ सिंह
प्रधान आरक्षक शिपक रंजन शर्मा
आरक्षक महेंद्र गुप्ता
आरक्षक सचिंद्र सिंह
महिला आरक्षक माधुरी कुजूर
इन सभी की मेहनत और समर्पण से ही इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई संभव हो पाई।
ऑपरेशन मुस्कान क्यों है जरूरी?
ऑपरेशन मुस्कान का मुख्य उद्देश्य गुमशुदा बच्चों को ढूंढना, उन्हें सुरक्षित वापस लाना और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों को रोकना है। बलरामपुर पुलिस ने इस ऑपरेशन के जरिए न केवल एक मासूम की ज़िंदगी बचाई, बल्कि आरोपी को भी सलाखों के पीछे पहुंचाया।
इस तरह की कार्रवाई समाज में एक सख्त संदेश देती है कि बच्चियों और महिलाओं के खिलाफ अपराध को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।