नारायणपुर विधानसभा के भानपुरी में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा बिजली के बढ़ते दामों को लेकर फूट पड़ा। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भानपुरी के कार्यकर्ताओं ने बिजली दफ्तर का घेराव किया और प्रदेश में लगातार बढ़ती बिजली दरों के खिलाफ राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार किसानों, गरीबों और मध्यम वर्ग की ‘कमर तोड़ने’ का काम कर रही है।
डेढ़ साल में चौथी बार बिजली महंगी, किसान परेशान!
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है, केवल डेढ़ साल में ही चौथी बार बिजली की दरों में बढ़ोतरी की गई है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भानपुरी के अध्यक्ष श्याम दिवान ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “यह बिलकुल साफ है कि भाजपा सरकार आते ही बड़े-बड़े उद्योगपतियों के करोड़ों रुपये के कर्ज माफ कर दिए जाते हैं। और इसकी भरपाई कहां से की जाती है? किसानों, मध्यम वर्ग और गरीबों की जेब से! पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता पर अब बिजली बिल का बोझ लादकर उनकी कमर तोड़ी जा रही है।”
दिवान ने आगे कहा कि यह सिर्फ एक बार की बात नहीं है, जब-जब प्रदेश में भाजपा की सरकार आई है, यही देखने को मिला है। उनका आरोप है कि सरकार उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए आम जनता पर बोझ डालती है।
कांग्रेस का आरोप: 2003 से अब तक भाजपा ने 15 साल में की भारी बढ़ोतरी
वरिष्ठ कांग्रेस नेता चंदन कश्यप ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि कैसे बिजली की दरें बढ़ती गई हैं। कश्यप ने कहा, “जनता पहले से ही रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और खाने-पीने की चीजों की बढ़ी कीमतों से परेशान है। अब बिजली के बिल बढ़ाकर उनसे वसूली की जा रही है।”
उन्होंने याद दिलाया कि साल 2003 में जब भाजपा की सरकार आई थी, तब बिजली की दर सिर्फ 3 रुपये 40 पैसे प्रति यूनिट थी। लेकिन, भाजपा के 15 साल के शासनकाल में यह दर बढ़कर 6 रुपये 40 पैसे प्रति यूनिट हो गई। चंदन कश्यप ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “जब 2018 में कांग्रेस की सरकार आई, तो हमने ‘बिजली बिल हाफ योजना’ शुरू की। इस योजना का फायदा प्रदेश के 65 लाख परिवारों को मिला और उन्हें कुल 3264 करोड़ रुपये की राहत मिली।” उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस सरकार ने जनता को राहत देने का काम किया था, लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार इसका उल्टा कर रही है।
कृषि पंप पर भी 50 पैसे प्रति यूनिट का बोझ!
कांग्रेस नेताओं ने इस बात पर भी चिंता जताई कि बिजली दरों में बढ़ोतरी का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। कृषि पंपों पर भी 50 पैसे प्रति यूनिट बिजली दर बढ़ाई गई है। यह ऐसे समय में हो रहा है जब किसान पहले से ही खेती-किसानी की लागत बढ़ने और मौसम की मार से जूझ रहे हैं।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भानपुरी ने राज्यपाल से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और सरकार को बढ़ती बिजली दरें वापस लेने का निर्देश दें, ताकि आम जनता और किसानों को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में एक बड़ा आंदोलन छेड़ने को मजबूर होगी।
विरोध प्रदर्शन में कौन-कौन रहे शामिल?
इस विरोध प्रदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भानपुरी के अध्यक्ष श्याम दिवान, वरिष्ठ नेता चंदन कश्यप के साथ-साथ [यहां कुछ अन्य स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम जोड़ सकते हैं, अगर उपलब्ध हों तो] बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने मिलकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने की मांग की।
भविष्य में क्या?
कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वे इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे। आने वाले समय में प्रदेशभर में इसी तरह के और विरोध प्रदर्शन देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि कांग्रेस इस मुद्दे को जनता से जोड़कर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। अब देखना यह होगा कि सरकार जनता और विपक्ष के इस बढ़ते दबाव पर क्या रुख अपनाती है।