Kondagaon Rice Scam छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले में नागरिक आपूर्ति निगम के गोदाम में चावल में मिलावट का मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। विभागीय जांच में गड़बड़ियों की पुष्टि होने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर एक अधिकारी को बर्खास्त किया गया है, जबकि दो अन्य को निलंबित कर दिया गया है।
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जांच में खुला मिलावट का खेल
मिली जानकारी के अनुसार, कोण्डागांव स्थित छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के वेयरहाउस में कुछ माह पहले चावल में कनकी (टूटा चावल) मिलाने का मामला सामने आया था। प्रारंभिक जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद उच्चाधिकारियों ने विस्तृत जांच के आदेश दिए। Kondagaon Rice Scam
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जांच में पाया गया कि गोदाम प्रभारी असलम खान और क्वालिटी इंस्पेक्टर अहमद अली चिश्ती चावल की क्वालिटी जांच में लापरवाही बरत रहे थे। वहीं, क्वालिटी इंस्पेक्टर सतीश वर्मा पर सीधे तौर पर मिलर्स के साथ मिलीभगत कर मिलावट करने का आरोप साबित हुआ है। Kondagaon Rice Scam
सख्त कार्रवाई: एक बर्खास्त, दो निलंबित
जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए सतीश वर्मा को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। जबकि असलम खान और अहमद अली चिश्ती को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान असलम खान का मुख्यालय बीजापुर और अहमद अली चिश्ती का नारायणपुर निर्धारित किया गया है। Kondagaon Rice Scam
विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच में करीब 40 लॉट चावल में मिलावट पाई गई थी। यह मिलावट गोदाम में चावल की सप्लाई के समय ही की जा रही थी। Kondagaon Rice Scam
मिलर्स की मिलीभगत का भी खुलासा
जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कुछ राइस मिलर्स की मिलीभगत से यह मिलावट का खेल लंबे समय से चल रहा था। बताया गया है कि जब मिलर्स चावल को वेयरहाउस में जमा करते थे, तब उसमें कनकी की मिलावट कर दी जाती थी। इसके बदले में मिलर्स को प्रति लॉट कुछ निश्चित रकम गोदाम कर्मचारियों को देनी पड़ती थी। Kondagaon Rice Scam
सूत्रों के अनुसार, इस गोरखधंधे से हर महीने करीब 6 लाख रुपये तक की हेराफेरी की जा रही थी। यानी यह केवल गुणवत्ता से खिलवाड़ नहीं, बल्कि सरकारी अनाज की चोरी जैसा बड़ा आर्थिक अपराध था। Kondagaon Rice Scam
जांच में सामने आई अनियमितताएं
विभागीय जांच में कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं —
- गोदाम में दर्ज रजिस्टर और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया।
- कुछ लॉट में चावल की क्वालिटी रिपोर्ट झूठी बनाई गई।
- नमूना जांच प्रक्रिया में भी लापरवाही की पुष्टि हुई।
इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए उच्चाधिकारियों ने तीनों जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई को उचित माना।
विभाग का बयान
छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम, कोण्डागांव की जिला प्रबंधक श्रीमती अंजना एक्का ने बताया कि,
“जांच अभी प्रक्रियाधीन है। फिलहाल दोषी पाए गए गोदाम प्रभारी और एक क्वालिटी इंस्पेक्टर को निलंबित किया गया है, जबकि एक अधिकारी को सेवा से पृथक किया गया है। आगे की कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार की जाएगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए सभी वेयरहाउस में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। Kondagaon Rice Scam
जनता में नाराजगी, पारदर्शिता की मांग
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। नागरिकों का कहना है कि गरीबों के लिए आने वाले सरकारी चावल में मिलावट करना बेहद शर्मनाक है। लोगों ने मांग की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए। Kondagaon Rice Scam
कोण्डागांव का यह मामला बताता है कि सरकारी तंत्र में लापरवाही और भ्रष्टाचार किस तरह आम जनता के अधिकारों पर सीधा प्रहार करता है। हालांकि, विभाग द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई यह संकेत देती है कि अब ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाने का दौर शुरू हो चुका है। उम्मीद की जा रही है कि आगे जांच पूरी होने पर मिलर्स की भूमिका पर भी कार्रवाई होगी।