केशकाल (छत्तीसगढ़)। (Keshkal Nagar bandh) राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर स्थित केशकाल शहर की जर्जर सड़कों को लेकर अब स्थानीय लोगों का सब्र टूट गया है। लंबे समय से सड़क निर्माण कार्य में देरी और प्रशासन की अनदेखी से नाराज़ नगरवासियों ने अब खुला मोर्चा खोल दिया है। नगर के बस स्टैंड में आयोजित बैठक में व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बुधवार को नगर बंद रहेगा और शनिवार को चक्का जाम किया जाएगा।
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आंदोलन की तैयारी तेज, सोमवार को SDM को सौंपेंगे ज्ञापन
बैठक के बाद व्यापारियों और नगरवासियों ने तय किया कि सोमवार को वे संयुक्त रूप से एसडीएम को ज्ञापन सौंपेंगे। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को चेतावनी दी जाएगी कि यदि जल्द सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन-प्रशासन को बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। (Keshkal Nagar bandh)
नगरवासियों ने बताया कि केशकाल की सड़क की हालत इतनी खराब है कि रोजाना वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ती है। बारिश के मौसम में सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और दलदल बन जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। बावजूद इसके, अब तक न तो मरम्मत हुई और न ही निर्माण कार्य शुरू हुआ। (Keshkal Nagar bandh)
8.19 करोड़ का टेंडर भी नहीं ले रहे ठेकेदार
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने केशकाल की सड़क सुधार के लिए 8 करोड़ 19 लाख रुपए का टेंडर जारी किया है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक कोई भी ठेकेदार इस टेंडर को लेने के लिए आगे नहीं आया है। सूत्रों के अनुसार, विभाग द्वारा बनाया गया इस्टीमेट इतना कम है कि उसमें गुणवत्तापूर्ण काम कर पाना संभव नहीं है। इसी वजह से ठेकेदार इसमें भाग नहीं ले रहे। (Keshkal Nagar bandh)
टेंडर की अड़चन और विभागीय लापरवाही के चलते अब नगरवासियों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। लोग कह रहे हैं कि अगर जल्द ही काम शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
व्यापारी संघ ने दी खुला समर्थन
व्यापारी संघ के अध्यक्ष आवेश विरानी ने बताया कि अब तक कई बार अधिकारियों और नेताओं को शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा, “जब कोई बड़ा राजनेता शहर में आता है तो रातों-रात सड़कें बन जाती हैं, लेकिन आम जनता के लिए किसी को परवाह नहीं है। रोजाना इस सड़क से गुजरने वाले लोग धूल, गड्ढों और दुर्घटनाओं से परेशान हैं।”
विरानी ने आगे कहा कि व्यापारी संघ नगरवासियों के साथ खड़ा है और इस आंदोलन को पूरा समर्थन देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ध्यान नहीं दिया तो नगर बंद के बाद चक्का जाम भी किया जाएगा।
लोगों में बढ़ता जनाक्रोश, शासन-प्रशासन पर सवाल
केशकाल के लोगों का कहना है कि अब तक सिर्फ आश्वासन मिले हैं, काम धरातल पर नहीं दिख रहा। कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी समस्या से अवगत कराया गया, मगर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि नेताओं की उदासीनता और विभागीय लापरवाही के कारण अब सड़क निर्माण अटक गया है। (Keshkal Nagar bandh)
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स्थानीय निवासी महेश यादव ने बताया, “हमने खुद कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को फोन और आवेदन के माध्यम से अवगत कराया, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला। अब जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर है।” (Keshkal Nagar bandh)
प्रशासन पर बढ़ा दबाव
नगरवासियों के आंदोलन की घोषणा के बाद अब प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि अगर बुधवार तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो नगर बंद पूरी तरह सफल रहेगा। चक्का जाम के दौरान सभी वाहन संचालन को रोकने की भी योजना बनाई जा रही है।
अब देखने वाली बात होगी कि शासन-प्रशासन कब तक चुप्पी तोड़ता है और कब इस जर्जर सड़क के सुधार कार्य की शुरुआत करता है। फिलहाल, केशकाल की जनता साफ कह रही है कि “अब सब्र का बांध टूट चुका है, अब सड़क बने बिना चैन नहीं मिलेगा।” (Keshkal Nagar bandh)