जगदलपुर।
छत्तीसगढ़ के वनमंत्री केदार कश्यप इन दिनों बस्तर प्रवास पर हैं और उन्होंने बस्तर के लोगों को विकास की कई सौगातें दी हैं। नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के नवा रतेंगा, घोटिया और नारायणपाल गांवों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान मंत्री ने कुल 42 लाख रुपये की लागत से बनने वाले व्यावसायिक परिसर, पुल-पुलिया और अन्य निर्माण कार्यों का भूमि पूजन किया।
“मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान जो विकास कार्य अधर में लटके थे, उन्हें अब विष्णुदेव साय की सरकार ने गति दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बस्तर का विकास अब केवल बातों में नहीं, बल्कि लोगों को ज़मीनी हकीकत में दिखाई दे रहा है।”
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सड़कें बन रहीं, पुल-पुलिया तैयार हो रही
जनसभा को संबोधित करते हुए वनमंत्री ने बताया कि कांग्रेस सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में एक भी सड़क नहीं बनवाई और न ही पुरानी सड़कों की मरम्मत करवाई, जिससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। लेकिन अब साय सरकार के आते ही सड़क और परिवहन के कामों को प्राथमिकता दी जा रही है।
नारायणपुर-कोंडागांव मार्ग का काम चल रहा है, वहीं अंतागढ़ से नारायणपुर और ओरछा से नारायणपुर के बीच की सड़कों के लिए भी प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है।
शिक्षा और स्वास्थ्य में आ रही नई रोशनी
“केदार कश्यप ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य के नाम पर सिर्फ फाइलों में काम दिखाया, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ नहीं किया। न तो कोई नया स्कूल खुला और न ही अस्पताल बना। वहीं, अब विष्णुदेव साय सरकार ने बस्तर में 15,000 प्रधानमंत्री आवास, 45 नए आंगनबाड़ी केंद्र, पीएससी भवन, महतारी सदन और नए स्वास्थ्य केंद्रों की मंजूरी दी है, जिससे गांव-गांव तक सुविधाएं पहुँच रही हैं।”
रोजगार और उद्योग के लिए सरकार गंभीर
वनमंत्री ने बताया कि सरकार बस्तर के युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए होटल मैनेजमेंट, फूड प्रोसेसिंग और डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दे रही है। आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी कौशल विकास के जरिए मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
बस्तर में व्यावसायिक परिसरों का निर्माण भी तेजी से हो रहा है ताकि स्थानीय स्तर पर व्यापार को बढ़ावा दिया जा सके।
सहकारिता से बढ़ेगा सामूहिक विकास
सहकारिता के क्षेत्र में भी बस्तर सरकार बड़े स्तर पर काम कर रही है। मंत्री ने बताया कि 650 दुधारू पशु 325 आदिवासी परिवारों को दिए जाएंगे ताकि वे दुग्ध उत्पादन से जुड़ सकें। इसके अलावा मछली पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन और मशरूम खेती जैसी योजनाओं में भी सहकारी समितियां बनाकर स्थानीय लोगों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से पर्यावरण को नई दिशा
मंत्री कश्यप ने नवा रतेंगा और घोटिया गांवों में वृक्षारोपण करते हुए कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान से लोग पर्यावरण के प्रति जागरूक हो रहे हैं। अब तक इस अभियान के तहत 1 करोड़ 7 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने ISFR 2023 रिपोर्ट में देशभर में वन और वृक्ष क्षेत्र बढ़ाने में पहला स्थान हासिल किया है।
इस मौके पर पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, उपाध्यक्ष बलदेव मंडावी, जनपद अध्यक्ष संतोष बघेल और भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।