विनोद कुमार साहू कांकेर
कांकेर जिले में एक महिला द्वारा चतुराई से ब्लैंक चेक का इस्तेमाल कर दूसरे के खाते से ₹1.25 लाख की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। घटना में महिला ने पीड़िता की सहमति के बिना चेक से पैसा निकालकर विश्वासघात किया।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता द्रोपती सलाम, उम्र 50 वर्ष, निवासी ईमलीपारा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी कांकेर, ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि एक साल पहले वह एक महिला गीता नायक (निवासी बारगरी नयापारा, चारामा) की बातों में आकर उसे अपने पर्सनल दस्तावेज और दो ब्लैंक चेक दिए थे। यह दस्तावेज लोन दिलाने के बहाने धमतरी निवासी तरुण साहू को देने की बात कही गई थी।
हालांकि, किसी कारणवश लोन पास नहीं हुआ और बात वहीं खत्म हो गई। लेकिन बीते 11 जुलाई 2025 को, गीता नायक ने उसी ब्लैंक चेक का इस्तेमाल कर एसबीआई कांकेर शाखा से ₹1,25,000 निकाल लिए, जिसकी जानकारी खुद द्रोपती को बाद में बैंक स्टेटमेंट से मिली।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
द्रोपती सलाम की लिखित शिकायत पर थाना कांकेर में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने अपराध क्रमांक 209/25 के तहत धारा 318(4), 316(2) BNS में केस पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आई.के. एलिसेला (भा.पु.से.) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश सिन्हा और अनुविभागीय अधिकारी मोहसीन खान के मार्गदर्शन में टीम गठित की गई।
बैंक स्टेटमेंट और CCTV फुटेज ने खोला राज
जांच में पीड़िता से बैंक स्टेटमेंट लिया गया और एसबीआई शाखा कांकेर का CCTV फुटेज भी जब्त किया गया। फुटेज और दस्तावेजों से यह पुष्टि हुई कि आरोपिया गीता नायक ही चेक का इस्तेमाल कर राशि निकालने गई थी।
सूचना मिलने पर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपिया को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की गई।
पैसा खर्च कर चुकी थी आरोपी
पूछताछ में गीता नायक ने स्वीकार किया कि उसने ही ₹1.25 लाख की राशि निकाली और यह राशि अपने निजी खर्चों और उधारी चुकाने में खर्च कर दी।
चेक को बिना सहमति उपयोग करने की बात उसने स्वयं अपने बयान में स्वीकार की।
पुलिस ने आरोपी के पास से अनादरित चेक भी जब्त किया और उसे विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय कांकेर में पेश किया गया।
पुलिस टीम की भूमिका सराहनीय रही
इस पूरे मामले में थाना प्रभारी मनीष नागर के नेतृत्व में
उप निरीक्षक मनोरथ जोशी
प्रधान आरक्षक कौशल साहू
महिला आरक्षक अंजली गोटा
और पेट्रोलिंग टीम की अहम भूमिका रही।
नसीहत: ब्लैंक चेक किसी को भी न दें
इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि किसी को भी भरोसे में आकर अपने ब्लैंक चेक या व्यक्तिगत दस्तावेज देना भारी नुकसान दे सकता है। खासकर महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सावधान रहने की ज़रूरत है।