छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज राजधानी रायपुर स्थित राजभवन में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन योजना) की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सिर्फ रिपोर्ट के भरोसे न रहें, बल्कि अधिकारियों को खुद फील्ड में जाकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति देखनी चाहिए।
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राज्यपाल ने कहा कि पीएम जनमन योजना का मुख्य उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराना है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और पेयजल जैसी आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी गई है। श्री डेका ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पीएम जनमन क्षेत्रों में दौरा कर कार्यों की सच्चाई खुद देखें और तय समयसीमा में योजनाओं को पूरा करें।
जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर करें योजनाओं का क्रियान्वयन
राज्यपाल ने कहा कि योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन तभी संभव है जब जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और स्थानीय समाज के बीच बेहतर तालमेल हो। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से यह सुनिश्चित करें कि योजना का असली लाभ ज़रूरतमंद तक पहुंचे।
बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना समेत विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सभी से अपेक्षा की गई कि वे समय-समय पर क्षेत्र का दौरा कर योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट तैयार करें और किसी भी तरह की अनियमितता को तुरंत दूर करें।
सतत विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी जरूरी
राज्यपाल डेका ने विकास कार्यों में पर्यावरण की अनदेखी नहीं करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो भी विकास कार्य किए जा रहे हैं, उनमें पेड़ों को बचाने की योजना बनाई जाए। साथ ही वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) को प्राथमिकता दी जाए और जमीन के जल स्तर की निगरानी कर योजनाएं तैयार की जाएं।
सौर ऊर्जा योजनाओं की धीमी प्रगति पर असंतोष जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान मिलकर निकालना होगा।
स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन, नवाचार को मिलेगा सम्मान
बैठक में राज्यपाल ने आंगनबाड़ी केंद्रों की प्रगति की जानकारी ली और कहा कि इन केंद्रों में लाइवलीहुड मिशन से जुड़ी गतिविधियां भी शुरू की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे नवाचारों को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि जनजातीय क्षेत्रों की महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें।
राज्यपाल ने ऐलान किया कि जो भी स्व-सहायता समूह इन क्षेत्रों में नवाचार करेगा, उसे राजभवन की ओर से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण की पहुंच भी इन क्षेत्रों तक सुनिश्चित की जाए।
स्वयंसेवी संस्थाओं की भूमिका अहम
राज्यपाल डेका ने यह भी सुझाव दिया कि स्वयंसेवी संस्थाओं को पीएम जनमन योजना में सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए। इनकी मदद से योजनाओं में नवाचार और स्थानीय समस्याओं के समाधान को और प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकता है।