जगदलपुर (बस्तर)।
पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर की पहचान तेजी से बढ़ रही है। घने जंगल, झरने और प्राकृतिक खूबसूरती के बीच अब प्रशासन इकोटूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दे रहा है। इसी दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए शनिवार, 19 जुलाई को पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार, जगदलपुर में प्राथमिक उपचार एवं सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्टर हरिस एस के मार्गदर्शन और जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन की प्रेरणा से भारतीय रेड क्रॉस समिति, जिला बस्तर के सहयोग से आयोजित किया गया।
गांवों से आईं इकोटूरिज्म समितियां बनीं हिस्सा
प्रशिक्षण सत्र में जगदलपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आईं इकोटूरिज्म समितियों के सदस्यों ने उत्साह के साथ भाग लिया। इन समितियों के सदस्य उन स्थलों पर सक्रिय रहते हैं जहां पर्यटकों का आवागमन अधिक होता है। उन्हें किसी भी आपात स्थिति में मदद करने के लिए तैयार किया गया।
प्रशिक्षण का मकसद था – स्थानीय गाइडों और कार्यकर्ताओं को प्राथमिक उपचार, आपदा प्रबंधन और पर्यटक सुरक्षा की जानकारी देकर उन्हें तैयार करना, ताकि वे इमरजेंसी में तुरंत और सही तरीके से मदद कर सकें।
विशेषज्ञों ने दी अहम जानकारी
कार्यक्रम में रेड क्रॉस सचिव डॉ. संजय बसाक, जिला कमांडेंट संतोष कुमार मार्बल, डॉ. संदीप सिंह, माधव जोशी (पीपीआईए प्रॉक्सिस), कोषाध्यक्ष ऋषि भटनागर, स्वच्छता उपसमिति अध्यक्ष अजयपाल सिंह, और भोलेश्वर बघेल जैसे गणमान्य लोग शामिल रहे।
कमांडेंट संतोष मार्बल और डॉ. संदीप सिंह ने प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन, सीपीआर (हृदय पुनर्जीवन विधि), घायलों की सहायता, और अग्नि सुरक्षा जैसे जरूरी विषयों पर सरल भाषा और व्यवहारिक तरीके से जानकारी दी।
हर गाइड को आना चाहिए प्राथमिक उपचार: डॉ. बसाक डॉ. संजय बसाक ने कहा, “हर पर्यटन स्थल पर ऐसा गाइड जरूर होना चाहिए, जिसे प्राथमिक उपचार की जानकारी हो। यहां जो आप सीख रहे हैं, अगर उससे एक भी जिंदगी बचती है तो इससे बड़ी बात कोई नहीं हो सकती।” उन्होंने कहा, “गाइड का काम सिर्फ रास्ता दिखाना नहीं, बल्कि मुश्किल वक्त में मदद करना भी उसका कर्तव्य है। इसलिए आप लोग इस जानकारी को अपने गांव में भी साझा करें और दूसरों को भी इसके लिए तैयार करें।”
भविष्य में और भी होंगे ऐसे प्रशिक्षण
कार्यक्रम में रेड क्रॉस उपाध्यक्ष अलेक्जेंडर एम चेरियन ने बताया कि आने वाले समय में जिले के अन्य हिस्सों में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उनका उद्देश्य है – एक सुरक्षित, संवेदनशील और जागरूक इकोटूरिज्म वातावरण का निर्माण करना।
कार्यक्रम के अंत में रेड क्रॉस टीम ने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे सीखी गई बातों को अपने-अपने क्षेत्रों में लागू करें और दूसरों को भी जागरूक करें।
कार्यक्रम का संचालन जूनियर रेड क्रॉस प्रभारी मनीष अहीर ने किया।