डीकेश शर्मा दुर्गुकोंदल (छत्तीसगढ़): eKYC विकासखंड दुर्गुकोंदल में महतारी वंदन योजना का लाभ पाने से सैकड़ों महिलाएं वंचित रह गई हैं। दरअसल, यहां 600 से अधिक महिलाओं का राशन कार्ड ई-केवाईसी ( eKYC ) अब तक पूरा नहीं हुआ है। इस वजह से उनके खाते में योजना की राशि नहीं पहुंच पा रही है। जनपद पंचायत दुर्गुकोंदल के अध्यक्ष गोपी बढ़ाई ने इस मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार की लापरवाही से गरीब महिलाओं को नुकसान झेलना पड़ रहा है।
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गोपी बढ़ाई ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, कई ग्राम पंचायतों की महिलाएं इस योजना का लाभ नहीं ले पा रही हैं। महतारी वंदन योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था, लेकिन तकनीकी प्रक्रिया और ई-केवाईसी की समस्या के कारण इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ( eKYC )
सरकारी लापरवाही से ठग रही है उम्मीदें
गोपी बढ़ाई अध्यक्ष जनपद पंचायत दुर्गुकोंदल ने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार जानबूझकर ई-केवाईसी ( eKYC ) प्रक्रिया को बाधित कर रही है ताकि पात्र महिलाओं के नाम योजना से हट जाएं। उनका कहना है कि जिन महिलाओं का ई-केवाईसी नहीं हुआ, वे कई महीनों से राशि की प्रतीक्षा कर रही हैं। ( eKYC )
आंगनबाड़ी सेक्टर प्रभारियों ने बताया कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र की उन महिलाओं को सूचित करें जिनका राशन कार्ड ई-केवाईसी ( eKYC ) अधूरा है। महिलाओं से कहा गया है कि वे नजदीकी पीडीएस (PDS) संचालक के पास जाकर अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करें।
लेकिन समस्या यह है कि अधिकांश पीडीएस सेल्समैन के पास ई-केवाईसी ( eKYC ) करने की मशीनें उपलब्ध ही नहीं हैं।
“मशीन नहीं, तो कैसे करें केवाईसी?” – महिलाओं का सवाल
ग्राम देवीटिकरा, कुरुसपाल, माड़ाडीह सहित कई पंचायतों की महिलाओं ने बताया कि जब वे ई-केवाईसी कराने पीडीएस केंद्र पहुंचीं तो सेल्समैन ने मशीन न होने की बात कह दी। नतीजतन, उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। ( eKYC )
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महिलाओं का कहना है कि सरकार एक तरफ “महतारी वंदन” योजना की सफलता के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही है। योजना का लाभ पाने के लिए सबसे पहले ई-केवाईसी जरूरी है, लेकिन जब मशीनें ही उपलब्ध नहीं होंगी तो महिलाएं प्रक्रिया पूरी कैसे करेंगी?
महिलाओं ने की ई-केवाईसी फिर से शुरू करने की मांग
महिलाओं ने सामूहिक रूप से प्रशासन से गुहार लगाई है कि राशन कार्ड ई-केवाईसी की प्रक्रिया पुनः प्रारंभ की जाए। उनका कहना है कि जिनका ई-केवाईसी अधूरा रह गया है, उन्हें दोबारा मौका दिया जाए ताकि वे भी महतारी वंदन योजना का लाभ उठा सकें।
कई महिलाओं ने बताया कि पहले चरण में योजना की राशि समय पर मिल रही थी, लेकिन पिछले कुछ महीनों से भुगतान रुक गया है। वे हर महीने बैंक जाकर अपने खातों की जांच करती हैं, लेकिन खाते में राशि नहीं आती। ( eKYC )
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प्रशासन से उम्मीदें, समाधान की प्रतीक्षा
महिलाओं ने जिला प्रशासन से यह भी मांग की है कि प्रत्येक पंचायत स्तर पर ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि ग्रामीण महिलाओं को बार-बार ब्लॉक मुख्यालय न जाना पड़े।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन सच में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए गंभीर है, तो उसे ई-केवाईसी मशीनें उपलब्ध कराकर इस समस्या का जल्द समाधान करना चाहिए।
गोपी बढ़ाई ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को जिला कलेक्टर तक पहुंचाने की बात कही है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो जनपद स्तर पर महिलाओं के साथ मिलकर आंदोलन करने पर भी विचार किया जाएगा।
क्या है महतारी वंदन योजना
महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक प्रमुख सामाजिक योजना है, जिसके तहत राज्य की विवाहित और पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और पारिवारिक जरूरतों में मदद करना है।
लेकिन यदि ई-केवाईसी अधूरा रहता है, तो सरकार की तरफ से कोई राशि जारी नहीं की जा सकती। यही कारण है कि दुर्गुकोंदल की सैकड़ों महिलाएं अब योजना के लाभ से वंचित हैं। ( eKYC )
दुर्गुकोंदल ब्लॉक की स्थिति बताती है कि डिजिटल प्रक्रियाओं के कारण ग्रामीण महिलाओं को किस तरह परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मशीनें न होना, तकनीकी खामियां और प्रशासनिक सुस्ती जैसी वजहों से एक बड़ी आबादी योजना से बाहर रह गई है।
महिलाएं अब उम्मीद लगाए बैठी हैं कि प्रशासन जल्द ई-केवाईसी प्रक्रिया को फिर से शुरू करेगा, ताकि वे भी “महतारी वंदन योजना” का लाभ उठा सकें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सशक्त बना सकें। ( eKYC )