जगदलपुर। Ekalavya Model School जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर बस्तर के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के डेडियापाड़ा से आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान वर्चुअल माध्यम से छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में तीन नए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का उद्घाटन किया। ये स्कूल बस्तर के लोहांडीगुड़ा, बास्तानार और दरभा जैसे दूरस्थ और आदिवासी बहुल इलाकों में स्थापित किए गए हैं, जहां शिक्षा की बेहतर सुविधाएं लंबे समय से एक बड़ी जरूरत के रूप में महसूस की जा रही थीं। Ekalavya Model School
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सिटी ग्राउंड, जगदलपुर में आयोजित प्रसारण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग जुटे और प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और स्कूली बच्चों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। Ekalavya Model School
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर सर्वोच्च सम्मान
कार्यक्रम की शुरुआत धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर उन्हें याद करते हुए हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह अवसर सिर्फ किसी कार्यक्रम का हिस्सा नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की वीर परंपरा और उनके योगदान को नमन करने का पर्व है। उन्होंने इसे “भारत पर्व के चरमोत्कर्ष” का क्षण बताया। Ekalavya Model School
देशभर में खुल रहे हैं आधुनिक एकलव्य स्कूल
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने बताया कि आज देशभर में जनजातीय शिक्षा को नई ताकत देने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 1,900 करोड़ रुपये की लागत से 42 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का उद्घाटन किया। इसके साथ ही 2,320 करोड़ रुपये की लागत वाले 50 नए एकलव्य मॉडल स्कूलों की आधारशिला भी रखी गई।
यह कदम देश के आदिवासी छात्रों को बेहतर सुविधाएं, सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। Ekalavya Model School
बस्तर में तीन नए ईएमआरएस—शिक्षा की दिशा में बड़ी छलांग
बस्तर के तीन ब्लॉकों में खोले जा रहे ये एकलव्य विद्यालय लगभग चार करोड़ पचास लाख रुपये की लागत से तैयार किए गए हैं। ये स्कूल ऐसी जगहों पर खोले गए हैं, जहाँ शिक्षा की पहुँच पहले काफी सीमित थी। Ekalavya Model School
अब लोहांडीगुड़ा, बास्तानार और दरभा के सैकड़ों आदिवासी बच्चे न सिर्फ हाई-क्वालिटी शिक्षा पाएंगे बल्कि खेल, तकनीक, संस्कृति और स्किल डेवलपमेंट जैसी आधुनिक सुविधाओं तक भी पहुंच सकेंगे। Ekalavya Model School
क्यों खास हैं ये एकलव्य मॉडल स्कूल?
एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) आदिवासी बच्चों के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए आधुनिक स्कूल हैं, जहां—
- पूरी तरह से आवासीय सुविधा
- निशुल्क शिक्षा
- स्मार्ट क्लासरूम
- लैब, लाइब्रेरी, स्पोर्ट्स कंप्लेक्स
- कला और संस्कृति के विकास की सुविधाएं
- सुरक्षित और अनुशासित माहौल
एक ही परिसर में उपलब्ध होते हैं।
इन स्कूलों का मकसद आदिवासी विद्यार्थियों को देश की मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना और उनके अंदर भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए आत्मविश्वास बढ़ाना है। Ekalavya Model School
बस्तर के लिए बड़ा परिवर्तनकारी कदम
बस्तर लंबे समय से शिक्षा के मामले में चुनौतीपूर्ण इलाकों में गिना जाता रहा है। जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में बसे गांवों के बच्चों के लिए शहर जाकर पढ़ना हमेशा मुश्किल रहा। ऐसे में यह तीनों विद्यालय क्षेत्र में शिक्षात्मक परिवर्तन की एक सशक्त शुरुआत साबित होंगे। Ekalavya Model School
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इन स्कूलों की शुरुआत से—
- हजारों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
- छात्र-छात्राओं में आत्मनिर्भरता की भावना
- स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
- क्षेत्र में शैक्षिक माहौल में सुधार
जैसे लाभ देखने को मिलेंगे।
15 नवंबर का दिन क्यों याद रखा जाएगा?
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए गए इस वर्चुअल उद्घाटन को बस्तर के लोग एक ऐतिहासिक दिन के रूप में देख रहे हैं। यह सिर्फ एक शैक्षणिक पहल नहीं, बल्कि बस्तर जैसे आदिवासी बहुल इलाके में सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उत्थान की दिशा में एक मजबूत कदम है। Ekalavya Model School
इससे बच्चों को बेहतर भविष्य मिलेगा, और क्षेत्र की विकास यात्रा को नई गति भी मिलेगी।
जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर बस्तर को मिली इस सौगात ने लोगों के मन में नई उम्मीदें जगाई हैं। आने वाले वर्षों में यह कदम हजारों विद्यार्थियों की जिंदगी बदलने का कारण बनेगा। Ekalavya Model School