मर्दापाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़ती बिजली दरों और ईडी की कार्रवाई के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। शनिवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने पूर्व विधायक चंदन कश्यप और जिला कांग्रेस अध्यक्ष बुधराम नेताम की अगुवाई में बिजली विभाग कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया और तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार बिजली दरें बढ़ाकर आम लोगों की जेब खाली की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह चौथी बार है जब सरकार ने बिजली की दरों में इजाफा किया है, जिससे लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। नए रेट के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं को हर यूनिट पर 10 से 20 पैसे ज्यादा देने होंगे, वहीं दुकानदारों और व्यापारियों को 25 पैसे प्रति यूनिट और किसानों को 50 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त देना पड़ेगा। इसका सीधा असर आम जनता और किसानों की कमर पर पड़ेगा।
चंदन कश्यप ने कहा – “एक ओर सरकार महंगाई पर काबू नहीं पा रही और दूसरी ओर बिजली दरें बढ़ाकर आम लोगों की कमर तोड़ रही है। ये सीधा-सीधा जनविरोधी निर्णय है, जिसे कांग्रेस कभी स्वीकार नहीं करेगी।”
ईडी की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेसियों ने फूंका पुतला, की जोरदार नारेबाजी
बिजली दरों के खिलाफ प्रदर्शन के साथ-साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की एजेंसियों द्वारा की जा रही कथित “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” के खिलाफ भी मोर्चा खोला। हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके पुत्र चैतन्य बघेल के खिलाफ की गई कार्रवाई के विरोध में कांग्रेसियों ने मर्दापाल में ईडी का पुतला फूंका और नारेबाजी की।
जिला महामंत्री रितेश पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है और विपक्षी नेताओं को टारगेट कर रही है। उन्होंने कहा कि ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है।
राज्यपाल को सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद कांग्रेसियों ने रैली निकालकर तहसील कार्यालय पहुंचकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि बिजली दरों में की गई बढ़ोत्तरी को तुरंत वापस लिया जाए, जिससे आम जनता को राहत मिल सके। साथ ही किसानों के लिए बिजली दरों में छूट दिए जाने की भी मांग की गई है।
इस प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। मुख्य रूप से पूर्व विधायक चंदन कश्यप, जिला कांग्रेस अध्यक्ष बुधराम नेताम, पूर्व अध्यक्ष झुमुकलाल दीवान, जिला महामंत्री रितेश पटेल, शहर अध्यक्ष तरुण गोलछा, कार्यकारी शहर अध्यक्ष नरेंद्र देवांगन, ब्लॉक अध्यक्ष निमेंद्र दीवान, पीसीसी सदस्य राजेंद्र साहू, पूर्व विधायक प्रतिनिधि वरुण सेटिया, निलय कश्यप, मेहतर नाग, रसूल कश्यप, धीरज कोर्राम, दया कोर्राम, शिव कोर्राम, उमाकांत सेठिया, देवेंद्र कोर्राम, बबलू बघेल, पोहडू कोर्राम, वैशाखुदास पड़वार, रामब्रिज ठाकुर, जंगलु, गंदरु, बली सोढ़ी, देवसिंग बघेल, रामनाथ नाग सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे।
जनता से जुड़ा मुद्दा बना विरोध का केंद्र
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि बिजली दरों में हुई बढ़ोत्तरी और ईडी की कार्रवाई कांग्रेस के लिए बड़ा जनसंघर्ष का मुद्दा बनकर उभरा है। आने वाले दिनों में कांग्रेस इस मुद्दे को और धार दे सकती है, क्योंकि यह सीधा-सीधा जनता की जेब से जुड़ा मामला है। वहीं, भाजपा सरकार पर विपक्ष का हमला तेज होता जा रहा है।