डिकेश्वर शर्मा दुर्गुकोंदल। ChhattisgarhNews दुर्गुकोंदल विकासखंड के ग्राम आमागढ़ स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां छह माह के शिशुओं के लिए पारंपरिक ‘मुंह जुठाई’ यानी अन्नप्राशन संस्कार धूमधाम से मनाया गया। यह आयोजन बच्चों के स्वस्थ और पोषणयुक्त जीवन की शुरुआत के रूप में देखा जाता है।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गैदबाई टांडिया, गनेशा उयके, पुनिता दर्रो और सुलोचना पोटाई के सहयोग से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जिसने आयोजन को और भी खास बना दिया।
अन्नप्राशन संस्कार का महत्व
छत्तीसगढ़ी भाषा में जिसे “मुंह जुठाई” कहा जाता है, उसे संस्कृत और हिंदी में “अन्नप्राशन” कहा जाता है। यह एक ऐसा संस्कार है जो शिशु के जीवन के छठे माह में किया जाता है। इस अवसर पर पहली बार बच्चे को ठोस आहार – जैसे खीर या खिचड़ी खिलाई जाती है। ChhattisgarhNews
यह कार्यक्रम केवल एक परंपरा नहीं बल्कि कुपोषण से मुक्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। शासन की योजनाओं के अंतर्गत यह अभियान प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित रूप से चलाया जा रहा है। ChhattisgarhNews
कुपोषण मुक्त बचपन की दिशा में कदम
सरकार द्वारा संचालित अन्नप्राशन अभियान का उद्देश्य है कि हर बच्चा स्वस्थ और पोषित रहे। इस अवसर पर बच्चों को पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में माताओं और अभिभावकों को भी जानकारी दी गई। ChhattisgarhNews
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि छह माह की उम्र के बाद शिशु को मां के दूध के साथ-साथ ठोस आहार की जरूरत होती है। इसी कड़ी में अन्नप्राशन कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को संतुलित आहार की शुरुआत कराई जाती है, जिससे कुपोषण की रोकथाम संभव हो सके। ChhattisgarhNews
शिशुओं का अन्नप्राशन हुआ सम्पन्न
आमागढ़ आंगनबाड़ी केंद्र में शिशु भाव्यश्री शर्मा का अन्नप्राशन संस्कार किया गया, वहीं नवागांव आंगनबाड़ी केंद्र में शिशु अक्षत ध्रुव का मुंह जुठाई कार्यक्रम संपन्न हुआ। दोनों ही परिवारों ने अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य और दीर्घायु जीवन की कामना की।
ग्रामीणों ने भी शिशुओं को आशीर्वाद देते हुए उनके स्वस्थ जीवन की शुभकामनाएं दीं। ChhattisgarhNews
ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं और अभिभावकों की विशेष भागीदारी रही। इस अवसर पर लोकेश्वरी विश्वकर्मा, रेशमा उयके, माधवी मेरिया, ममता निषाद समेत कई ग्रामीण उपस्थित रहे। ChhattisgarhNews
सभी ने अन्नप्राशन संस्कार के महत्व को समझते हुए इसे गांव की परंपरा और बच्चों के उज्जवल भविष्य से जोड़ा।
शासन की जनकल्याणकारी योजना से लोगों में जागरूकता
आंगनबाड़ी केंद्रों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाने का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में शिशु पोषण और मातृ स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना है। ChhattisgarhNews
कार्यकर्ताओं ने बताया कि जब बच्चे को सही समय पर पौष्टिक भोजन की शुरुआत मिलती है, तो उसके शारीरिक और मानसिक विकास की गति तेज होती है। इससे भविष्य में बीमारियों का खतरा भी कम होता है। ChhattisgarhNews
माता-पिता को दिया गया पोषण का संदेश
अन्नप्राशन कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अभिभावकों को बच्चों के भोजन में विविधता लाने, साफ-सफाई रखने और नियमित टीकाकरण के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिशु की पोषण स्थिति मजबूत बनाना हर परिवार की जिम्मेदारी है। ChhattisgarhNews
कार्यक्रम में बताया गया कि शासन की “सुपोषण अभियान” और “मुख्यमंत्री बाल आहार योजना” जैसी योजनाएं इसी दिशा में कारगर साबित हो रही हैं। ChhattisgarhNews
परंपरा और पोषण का सुंदर संगम
आंगनबाड़ी केंद्र आमागढ़ का यह अन्नप्राशन उत्सव न केवल एक धार्मिक परंपरा का प्रतीक रहा, बल्कि यह “पोषण और संस्कार का सुंदर संगम” भी बना। ChhattisgarhNews
ग्रामीणों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम गांवों में सकारात्मक संदेश देते हैं और माताओं को बच्चों की देखभाल के प्रति और सजग बनाते हैं। ChhattisgarhNews
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( ChhattisgarhNews दुर्गुकोंदल ब्लॉक के आमागढ़ आंगनबाड़ी केंद्र में छह माह के शिशुओं के लिए मुंह जुठाई यानी अन्नप्राशन संस्कार का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और बच्चों के स्वस्थ भविष्य की शुभकामनाएं दीं। यह अभियान कुपोषण मुक्त समाज की दिशा में सरकार की सकारात्मक पहल है। )