डिकेश शर्मा दुर्गुकोंडल (छत्तीसगढ़)। विकासखंड दुर्गुकोंडल के आमागढ़ से लेकर खड़ीघाट तक का कच्चा मार्ग इन दिनों ग्रामीणों की परेशानी का बड़ा कारण बन गया है। ये सड़क न सिर्फ आसपास के गांवों को ब्लॉक मुख्यालय से जोड़ती है, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि खड़ीघाट क्षेत्र में भगवान शिव का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल स्थित है। लेकिन सड़क की बदहाली और जगह-जगह कीचड़ व गड्ढों के कारण श्रद्धालु मंदिर तक पहुंच ही नहीं पा रहे हैं और बिना दर्शन किए ही वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
गांवों का टूटा संपर्क, न छात्राएं स्कूल पहुंच पा रहीं न किसान खेत
खड़ीघाट मार्ग की हालत इतनी खराब है कि बरसात में इस रास्ते से निकलना किसी चुनौती से कम नहीं है। गांव तुमरीसूर, भेजर, पड़गाल और चेमल के लोगों को ब्लॉक मुख्यालय दुर्गुकोंडल आने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां की छात्राएं स्कूल-कॉलेज नहीं पहुंच पा रहीं और किसान बाजार या सरकारी कामकाज के लिए घर से निकलने से कतरा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश में रास्ता इतना कीचड़युक्त हो गया है कि दोपहिया वाहन तक नहीं चल पा रहे। कई बार बाइक सवार रास्ते में फिसल जाते हैं और चोटिल भी हो रहे हैं।
नालों पर पुल निर्माण की मांग को नजरअंदाज कर रहा प्रशासन
ग्रामीण मनीष नरेटी, अरीप तिरसुनिया, गंगा राम राणा, संजय नरेटी और धनलाल चक्रधारी ने बताया कि कई बार शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया है कि खेतों के बीच से निकलने वाले नालों पर पक्की पुलिया बनाई जाए, जिससे सड़क की स्थिति सुधरे। लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों ने खुद बनाई थी जुगाड़ पुलिया, बारिश में बह गई
जब प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया तो स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी मेहनत और संसाधनों से जुगाड़ू पुलिया बनाकर रास्ता सुगम करने की कोशिश की थी। लेकिन भारी बारिश के कारण वह अस्थायी पुल बह गया और लोगों को फिर से परेशानी उठानी पड़ रही है। अब ग्रामीणों को खेत पार करने या बाजार पहुंचने में भी कई किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
श्रद्धालुओं को दर्शन से वंचित होना पड़ रहा है
खड़ीघाट शिव मंदिर में दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन सड़क की खस्ताहाली के कारण उन्हें बीच रास्ते से ही लौटना पड़ता है। इससे स्थानीय धार्मिक पर्यटन भी प्रभावित हो रहा है, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए भी नुकसानदायक है।
ग्रामीणों की मांग – जल्द बने पक्की सड़क और पुलिया
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आमागढ़ से खड़ीघाट भेजर तक पक्की सड़क का निर्माण जल्द कराया जाए। इसके साथ ही खेतों के नालों पर मजबूत पुलिया बनाई जाए ताकि बरसात के मौसम में भी लोगों का आवागमन बाधित न हो।
“अगर जल्द ही इस सड़क का पक्कीकरण और पुलिया निर्माण नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाएगी,” – मनीष नरेटी, ग्रामीण
प्रशासनिक लापरवाही से नाराज हैं ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि हर बार चुनावों में नेता वादे करते हैं कि सड़क बनाई जाएगी, लेकिन चुनाव के बाद सब भूल जाते हैं। अब समय आ गया है कि प्रशासन ग्रामीणों की वास्तविक समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए स्थायी समाधान करें।