प्रदीप कुमार भिलाई। रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व पर जब हर बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बाँधकर उसकी लंबी उम्र की दुआ माँगती है, उसी परंपरा को निभाते हुए भिलाई के रिसाली स्थित सामरिक मुख्यालय, महानिरीक्षक सीमा सुरक्षा बल (स्पेशल-ऑप्स) छत्तीसगढ़ में एक बेहद दिल को छू लेने वाला कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस खास मौके पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने बीएसएफ के जांबाज जवानों और अधिकारियों को राखी बाँधकर उन्हें स्नेह, सम्मान और आशीर्वाद दिया। वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बहन प्राची दीदी की अगुवाई में ब्रह्माकुमारी बहनों ने जवानों के माथे पर तिलक लगाकर उन्हें राखी बाँधी और मिठाई खिलाई।
यह आयोजन सिर्फ एक रस्मभर नहीं था, बल्कि राष्ट्र की सेवा में जुटे जवानों के त्याग, समर्पण और उनके अडिग हौसले के प्रति सम्मान का प्रतीक था। बीएसएफ के वे जवान जो देश की सीमाओं पर तैनात रहते हुए महीनों-महीनों अपने परिवारों से दूर रहते हैं, उनके लिए इस राखी समारोह ने घर जैसा अपनापन और भाई-बहन के रिश्ते की गर्माहट भर दी।
कार्यक्रम में सामरिक मुख्यालय के महानिरीक्षक आनंद प्रताप सिंह (IPS) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी और जवान भी मौजूद रहे। ब्रह्माकुमारी बहनों ने अपने प्रेम और विश्वास को साझा करते हुए सभी को आध्यात्मिक आशीर्वाद दिया और उनकी सलामती, अच्छी सेहत और लंबी उम्र की कामना की।
बीएसएफ जवानों ने भी इस प्यार को दिल से स्वीकार किया और ब्रह्माकुमारी बहनों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम उनके मनोबल को कई गुना बढ़ा देते हैं, और उन्हें अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा और जोश से निभाने की प्रेरणा देते हैं। जवानों ने वादा किया कि वे देश सेवा में पहले से भी ज्यादा समर्पित होकर जुटेंगे।
कार्यक्रम के दौरान माहौल बेहद भावुक और सौहार्दपूर्ण रहा। जवानों ने राखी बँधवाते हुए बहनों से अपने मन की बातें भी साझा कीं और बदले में बहनों ने उन्हें यह भरोसा दिया कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
ब्रह्माकुमारी बहनों ने कहा कि वे हर साल ऐसे अवसरों पर जवानों के बीच जाकर उनके साथ राखी मनाना अपना सौभाग्य समझती हैं। उनके मुताबिक, जो सैनिक हर मौसम, हर परिस्थिति में सीमाओं की सुरक्षा करते हैं, उनके प्रति यह छोटी सी श्रद्धा की भेंट है।
कार्यक्रम के अंत में सभी जवानों ने एक स्वर में कहा कि रक्षाबंधन जैसे पावन पर्व पर राखी बँधवाकर उन्हें सच्चा भाई होने का एहसास हुआ और घर से दूर होने का दुख थोड़ा कम हुआ। बहनों के हाथों बँधी राखी में छुपी दुआओं ने उनके दिल को छू लिया।
दरअसल, इस तरह के आयोजन हमें यह याद दिलाते हैं कि हमारे जवान सिर्फ देश की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज की शांति और सुरक्षा के लिए लगातार संघर्ष करते हैं। ऐसे में जब कोई संस्था, संगठन या आम नागरिक उनके साथ त्योहार मनाता है, तो यह उनके त्याग का सम्मान करने का एक बेहद खूबसूरत जरिया बन जाता है।
कुल मिलाकर, यह राखी समारोह भाईचारे, देशभक्ति और भावनात्मक रिश्तों को मजबूत करने का संदेश देता है। बीएसएफ जैसे बलों के जवानों का मनोबल बढ़ाने में सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों की भूमिका कितनी अहम है, यह भी इस मौके पर साफ नजर आया।