जितेंद्र साहू धमतरी बीजापुर, छत्तीसगढ़ ( Bijapur encounter ) के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। यहां सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच शुक्रवार सुबह हुई मुठभेड़ में 6 नक्सली मारे गए हैं। इस कार्रवाई को दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले की संयुक्त पुलिस टीम ने अंजाम दिया। घटनास्थल से स्वचालित हथियार, स्टेन गन, गोलियां और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।
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बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि उन्हें इलाके में माओवादियों की गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की टीम को सर्च ऑपरेशन पर रवाना किया गया। जब टीम घने जंगलों में पहुंची तो माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभाला।
सुबह से जारी रही गोलीबारी, छह माओवादी मारे गए
जानकारी के अनुसार, यह मुठभेड़ बीजापुर और दंतेवाड़ा की सीमा पर स्थित जंगलों में हुई। सुबह से ही दोनों ओर से रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही। करीब कुछ घंटे तक चली इस मुठभेड़ के बाद जब इलाके की तलाशी ली गई तो छह माओवादियों के शव बरामद किए गए। इनमें से कई पर पुलिस ने इनाम घोषित किया हुआ था। ( Bijapur encounter )
पुलिस को मौके से AK-47 राइफल, स्टेन गन, 303 बोर की राइफल, बम बनाने की सामग्री और नक्सली साहित्य मिला है। सुरक्षाबलों ने घटनास्थल को पूरी तरह से अपने कब्जे में ले लिया है और इलाके में तलाशी अभियान अभी भी जारी है।
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बस्तर रेंज के आईजी ने दी जानकारी
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) सुंदरराज पी. ने बताया कि सुरक्षाबलों को लंबे समय से इस इलाके में माओवादियों की मूवमेंट की सूचना मिल रही थी। इसके चलते संयुक्त बलों ने यह अभियान शुरू किया था। मुठभेड़ के बाद कई माओवादी जंगल की ओर भाग निकले हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस और सीआरपीएफ की अतिरिक्त टीमें भेजी गई हैं। ( Bijapur encounter )
उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई माओवादियों के नेटवर्क को कमजोर करने में बड़ी सफलता है। इलाके में अब भी ऑपरेशन क्लीनअप चलाया जा रहा है ताकि बाकी बचे नक्सलियों को भी पकड़ा जा सके या आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया जा सके। ( Bijapur encounter )
बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा पर सक्रिय हैं नक्सली समूह
छत्तीसगढ़ का दक्षिणी क्षेत्र, खासतौर पर बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा, लंबे समय से नक्सल गतिविधियों का गढ़ माना जाता है। यहां अक्सर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ होती रहती है। पिछले कुछ महीनों में लगातार चल रहे अभियानों के चलते कई माओवादी मारे जा चुके हैं या उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है। ( Bijapur encounter )
पुलिस का कहना है कि नक्सलियों का नेटवर्क लगातार कमजोर हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का सहयोग और खुफिया इनपुट इस अभियान की सफलता में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ( Bijapur encounter )
स्थानीय लोगों में राहत, लेकिन सतर्कता बरकरार
इस मुठभेड़ के बाद इलाके के ग्रामीणों में थोड़ी राहत की सांस ली गई है, क्योंकि यह इलाका नक्सलियों के भय से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से सावधानी बरतने और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। ( Bijapur encounter )
बीजापुर पुलिस ने कहा है कि मुठभेड़ के बाद से इलाके में शांति है, लेकिन जंगलों में कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी रहेगा ताकि कोई माओवादी फिर से regroup न कर सके। ( Bijapur encounter )
नक्सलियों पर अब तक की यह बड़ी सफलता
इस साल की शुरुआत से अब तक बीजापुर में सुरक्षाबलों ने कई बड़े अभियान चलाए हैं। इन अभियानों में दर्जनों माओवादी मारे गए हैं और कई ने आत्मसमर्पण किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ताज़ा मुठभेड़ सरकार के “नक्सल-मुक्त छत्तीसगढ़” के लक्ष्य की दिशा में एक और मजबूत कदम है। ( Bijapur encounter )
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुई यह मुठभेड़ नक्सल उन्मूलन के अभियान में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। सुरक्षाबलों की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से नक्सलियों का नेटवर्क लगातार कमजोर पड़ रहा है। पुलिस और प्रशासन ने साफ किया है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी ताकि बस्तर को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाया जा सके। ( Bijapur encounter )
सोर्स: SHABD, Delhi