आशीष परिहार। कांकेर जिले के दुधवा क्षेत्र में सोमवार की शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसमें खेत में काम कर रहे एक किसान पर अचानक भालू ने पीछे से हमला कर दिया। इस हमले में किसान गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे आसपास के ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए जिला अस्पताल पहुंचाया। घटना ने पूरे गांव और आसपास के छेत्र में डर का माहौल बना दिया है।
घटना की जानकारी के अनुसार, दुधवा निवासी चन्द्र शेखर नेताम (50 वर्ष), पिता पजरू राम नेताम, रोज की तरह सोमवार शाम लगभग 5:30 बजे अपने खेत में काम करने के लिए गए थे। खेत में काम करते समय अचानक एक जंगली भालू ने पीछे से उन पर हमला बोल दिया। इस हमले में चन्द्र शेखर को गंभीर चोटें आईं। बताया जा रहा है कि भालू ने उनके शरीर के कई हिस्सों को बुरी तरह नोंच डाला, जिससे वे मौके पर ही लहूलुहान हो गए।
हमले के कुछ ही देर बाद, कमलेश कुंजाम नामक एक ग्रामीण वहां से गुजर रहे थे, जिन्होंने घायल किसान को देखा और तुरंत शोर मचाया। शोर सुनते ही आसपास के अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मिलकर किसी तरह भालू को भगाया। इसके बाद सभी ने मिलकर चन्द्र शेखर नेताम को कांकेर जिला अस्पताल तक पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, किसान की हालत गंभीर बनी हुई है, लेकिन समय पर अस्पताल पहुँचाए जाने के चलते जान को फिलहाल खतरा टल गया है।
इलाके में लगातार बढ़ रहा है वन्यजीवों का आतंक
यह कोई पहली घटना नहीं है जब दुधवा क्षेत्र या आसपास के गांवों में भालू ने इंसानों पर हमला किया हो। इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जब खेत में काम कर रहे लोग या जंगल के किनारे रहने वाले ग्रामीण भालुओं के हमले का शिकार हुए हैं। वन विभाग द्वारा समय-समय पर चेतावनी दी जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस इंतजाम न होने की वजह से ऐसे हमले रुक नहीं रहे।
ग्रामीणों की मांग: वन विभाग बढ़ाए निगरानी और सुरक्षा
घटना के बाद ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश देखा गया। उनका कहना है कि वे पहले भी कई बार वन विभाग को इस तरह की घटनाओं की जानकारी दे चुके हैं, लेकिन किसी भी तरह की सुरक्षा या निगरानी व्यवस्था अब तक नहीं की गई है। गांव के कई लोगों ने मांग की है कि वन विभाग गांव के पास गश्त बढ़ाए, भालुओं की आवाजाही पर नजर रखे और खेतों के पास चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
भविष्य में और घटनाओं से बचने की ज़रूरत
वन्यजीव और इंसानों के बीच टकराव की घटनाएं पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी हैं। इसका एक प्रमुख कारण है जंगलों में लगातार हो रही कटाई और इंसानी दखल। जिससे भालू जैसे जानवर अब भोजन और पानी की तलाश में गांवों की ओर रुख कर रहे हैं।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और घायल किसान के इलाज के लिए हर संभव मदद की जाएगी। साथ ही, ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।