विजय सिंह बलरामपुर, एक वक्त नक्सल प्रभावित रहे बलरामपुर जिले के सामरीपाठ इलाके में पुलिस ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 37 अवैध भरमार बंदूकें बरामद की हैं। ये बंदूकें सामरीपाठ थाना क्षेत्र के कई गांवों से जब्त की गई हैं। पुलिस को यह कामयाबी ग्रामीणों और मुखबिरों से मिली अहम सूचना के आधार पर मिली। फिलहाल सभी आरोपितों से पूछताछ जारी है।
कभी नक्सलियों का गढ़ था सामरीपाठ
सालों पहले सामरीपाठ इलाका नक्सलियों का गढ़ माना जाता था। यहां आए दिन लूटपाट, धमकियों और हिंसा की घटनाएं आम बात थीं। लेकिन समय के साथ बलरामपुर पुलिस की सतर्कता और लगातार कार्रवाई के चलते अब इलाके में शांति है और नक्सलियों का लगभग सफाया हो चुका है।
मुखबिर की सूचना से खुला राज
22 जुलाई को पुलिस को सूचना मिली कि सामरीपाठ थाना क्षेत्र के ग्राम चुनचुना, पुंदाग और भूताही के ग्रामीणों के पास अवैध भरमार बंदूकें हैं, जो उन्होंने लंबे समय से छुपा रखी हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी ने उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। फिर एसपी के निर्देश पर सामरीपाठ और करौंधा थाने की संयुक्त टीम ने इन गांवों में डेरा डाला और सूचना की पुष्टि की।
जब पुलिस को यह स्पष्ट जानकारी मिली कि ग्राम चुनचुना के पीपरढाबा, चरहू समेत कुछ अन्य गांवों में भी देशी भरमार बंदूकें छुपा कर रखी गई हैं, तो उन्होंने तत्काल छापेमारी की योजना बनाई।
छह गांवों से 37 बंदूकें बरामद
पुलिस की टीम ने विशेष कार्रवाई करते हुए ग्राम चुनचुना से 14, चरहू से 8, भूताही से 8, पीपरढाबा से 3, भीतर चरहू से 2 और पुंदाग से 2 भरमार बंदूकें बरामद कीं। इस तरह कुल 37 बंदूकें पुलिस के कब्जे में आईं। इस कार्रवाई में 37 ग्रामीणों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
पूछताछ में सामने आया चौंकाने वाला कारण
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में ग्रामीणों ने बताया कि वे इन भरमार बंदूकों का उपयोग अपने खेतों और फसलों की सुरक्षा के लिए करते थे। उनका कहना था कि जंगली जानवरों से अपनी जान और खेती बचाने के लिए उन्होंने ये बंदूकें रखी थीं। हालांकि, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर ये हथियार उनके पास आए कहां से।
हिरासत में लिए गए ग्रामीणों के नाम
पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान जिन 37 लोगों से बंदूकें बरामद की हैं, उनमें जिब्राईल अंसारी, सददाम अंसारी, इसराफिल अंसारी, गणेश नगेसिया, शेरू नगेसिया, सुमित नगेसिया, कमलेश नगेसिया, जोखन नगेसिया, मंगरू नगेसिया, हमजद अंसारी, गुलाम सादिक उर्फ जोगन अंसारी, इसराईल अंसारी, मिश्रा नगेसिया, शनिचरा नगेसिया, पूरन नगेसिया, मुखलाल कोरवा, मुस्लिम अंसारी, नेजामुद्दीन अंसारी, सईब अंसारी, कमील अंसारी, असीद अंसारी, सहादत अंसारी, तबारक अंसारी, भोला कोरवा, विनोद नगेसिया, राजेंद्र नगेसिया, शत्रु नगेसिया, करीवा कोखा, बीरू कोरवा, टीमन कोरवा, लोकवा कोरवा, प्रदीप कोरवा, शंभू कोरवा, उदयशंकर, सीमन कोरवा, दिनेश कोरवा और गणेश सिंह शामिल हैं।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
सामरीपाठ थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देश (अर्नेश कुमार बनाम स्टेट ऑफ बिहार) के अनुपालन में की गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इन बंदूकों का इस्तेमाल किसी गैर-कानूनी गतिविधि में तो नहीं किया गया।
अगला कदम
फिलहाल सभी 37 व्यक्तियों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बंदूकें कहां से खरीदी गईं या बनवाई गईं। यदि इनके खिलाफ अवैध हथियार रखने का दोष सिद्ध होता है, तो उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है।