जगदलपुर Bakawand Accident विकासखंड बकावंड के ग्राम पंचायत बारदा स्थित बालक छात्रावास में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। छात्रावास में रहने वाला एक छात्र तब गंभीर रूप से झुलस गया जब रसोइया और अधीक्षक दोनों ही अपनी ड्यूटी से नदारद थे और बच्चे खुद ही खाना बना रहे थे। घायल छात्र को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में भर्ती कराया गया है।
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घटना ने छात्रावास प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि छात्रावास में अक्सर रसोइया और अधीक्षक दोनों अनुपस्थित रहते हैं, जिससे बच्चे खुद ही अपनी व्यवस्था चलाने को मजबूर हैं। यह न सिर्फ बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि उनकी पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डाल रहा है। Bakawand Accident
तेल से झुलसा छात्र, अस्पताल में भर्ती
जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत किजोली निवासी छात्र टुमन भद्रे, जो बारदा बालक छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहा था, मंगलवार को रसोइया की अनुपस्थिति में अपने साथियों के लिए खाना बना रहा था। इस दौरान अचानक गरम तेल उसके ऊपर गिर गया और उसका चेहरा बुरी तरह झुलस गया। Bakawand Accident
घटना के बाद छात्र दर्द से तड़पता रहा, लेकिन अधीक्षक सोनाधार गोयल और छात्रावास के अन्य कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि अधीक्षक अक्सर निजी कार्यों में व्यस्त रहते हैं और छात्रावास में बहुत कम दिखाई देते हैं। Bakawand Accident
ग्रामीणों ने संभाली जिम्मेदारी
जब आसपास के लोगों को घटना की जानकारी हुई, तो ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह झुलसे हुए छात्र को वाहन से डिमरापाल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उसकी हालत को गंभीर बताते हुए इलाज शुरू किया। Bakawand Accident
ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “अधिकारियों की लापरवाही के कारण बच्चे खतरे में हैं। कई बार शिकायत की गई लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। आज एक बच्चे की जान पर बन आई है, तब जाकर मामला सुर्खियों में आया।” Bakawand Accident
अधिकारी जिम्मेदारी से बचते नज़र आए
घटना की जानकारी मिलने के बाद भी संबंधित अधिकारी और अधीक्षक मौके पर नहीं पहुंचे। विभाग के कुछ कर्मचारियों ने मामला दबाने की कोशिश की, ताकि उच्च अधिकारियों तक बात न पहुंचे। Bakawand Accident
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब छात्रावास में इस तरह की लापरवाही सामने आई हो। पहले भी बच्चों के भोजन और साफ-सफाई को लेकर शिकायतें होती रही हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। Bakawand Accident
बालकों की सुरक्षा पर उठे सवाल
छात्रावास में रहने वाले बच्चे गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं। उनके माता-पिता बच्चों को सुरक्षित माहौल और अच्छी शिक्षा की उम्मीद से छात्रावास भेजते हैं। लेकिन जब वहां सुरक्षा ही नहीं होगी, तो उनका भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा? Bakawand Accident
इस हादसे के बाद अभिभावकों में भी गुस्सा है। उनका कहना है कि “अगर बच्चे खुद खाना बनाएंगे, तो फिर सरकार द्वारा रसोइया और अधीक्षक की नियुक्ति का क्या मतलब है?” Bakawand Accident
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प्रशासन ने कहा, होगी जांच
घटना के बाद जब मीडिया ने सवाल उठाए तो अधिकारियों ने जांच का आश्वासन दिया। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि “मामले की जानकारी मिली है, टीम भेजी जा रही है। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।” Bakawand Accident
लेकिन ग्रामीणों को भरोसा नहीं है। उनका कहना है कि “हर बार जांच की बात होती है, लेकिन नतीजा कभी सामने नहीं आता।”
सवाल अभी भी बाकी हैं
इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सरकारी छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा और देखभाल सिर्फ कागजों तक सीमित है? Bakawand Accident
अगर जिम्मेदार लोग ही अपनी ड्यूटी से भागते रहेंगे, तो ऐसे हादसे बार-बार होंगे। अब ज़रूरत है कि दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि आगे से किसी और छात्र की जान पर न बने। Bakawand Accident
बालक छात्रावास बारदा में हुए इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। घटना ने यह साबित कर दिया कि सरकारी निगरानी व्यवस्था कितनी कमजोर है। अब यह देखना होगा कि क्या प्रशासन सच में कार्रवाई करता है या यह मामला भी बाकी घटनाओं की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा। Bakawand Accident