बस्तर के राजपुर में हाल ही में एक ऐसा कार्यक्रम हुआ जिसने गाँव वालों का दिल जीत लिया और दिखाया कि कैसे सब मिलकर शिक्षा और पर्यावरण को बेहतर बना सकते हैं। प्राथमिक शाला पटेलपारा में हुए “न्योता भोज” और “एक पेड़ माँ के नाम” कार्यक्रम ने गाँव में एक नई ऊर्जा भर दी। इस खास मौके पर सहायक खंड शिक्षा अधिकारी सुशील तिवारी और खंड स्रोत समन्वयक अजम्बर कोर्राम भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस पहल की खूब सराहना की।
स्कूल का निरीक्षण और ‘माँ के नाम’ पौधा
कार्यक्रम की शुरुआत में अधिकारियों ने स्कूल का दौरा किया और बच्चों की पढ़ाई का स्तर देखा। वे बच्चों की प्रगति से काफी संतुष्ट दिखे, जो कि स्कूल के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इसके बाद आया “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का मौका, जिसके तहत स्कूल के मैदान में पौधे लगाए गए। यह सिर्फ पेड़ लगाना नहीं था, बल्कि पर्यावरण को बचाने का एक बड़ा संदेश था।
इस नेक काम में गाँव की सरपंच रचना कश्यप, उपसरपंच सामनाथ कश्यप, और कई जाने-माने लोग जैसे रघुनाथ कश्यप, मोतिराम कश्यप (आदिवासी युवा छात्र संगठन से), संकुल प्राचार्य चरण बघेल, और रूपेश बघेल ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। गाँव के युवा और बड़े-बुजुर्ग सभी एक साथ आए और दिखाया कि जब बात पर्यावरण की हो, तो हर कोई साथ खड़ा है।
खुले मंच पर समस्याएँ और समाधान
इस अवसर पर गाँव वालों, बच्चों के माता-पिता और युवाओं के साथ शिक्षा के विकास को लेकर खुलकर बात हुई। स्कूल की इमारत कैसी है, शिक्षकों की कमी क्यों है, और पढ़ाई की गुणवत्ता कैसे सुधारी जा सकती है, इन सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने गाँव वालों की जागरूकता की तारीफ करते हुए कहा कि जब समाज खुद आगे आता है, तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य अपने आप संवर जाता है। यह दिखाता है कि राजपुर के लोग अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर कितने गंभीर हैं।
गाँव वालों के सहयोग से बना ‘न्योता भोज’ खास
“न्योता भोज” का आयोजन संकुल समन्वयक गजेंद्र ठाकुर और प्रधान पाठक पंचम राम नेगी की देखरेख में किया गया। इस भोज को तैयार करने में गाँव के युवाओं और बड़ों ने मिलकर खूब मेहनत की। बलिराम कश्यप, शांतनु कश्यप, गोलूराम कश्यप, सामनाथ कश्यप, सरिता कश्यप, फाल्गुनी कश्यप, पदमा कश्यप, चीतु राम पटेल और कई माता-पिता ने अपनी खुशी से हाथ बँटाया। स्कूल के रसोइए श्री सहादेव कश्यप और मेहतू सिन्हा ने भी स्वादिष्ट पकवान बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
भोज में खीर-पूरी के साथ-साथ कई पारंपरिक व्यंजन परोसे गए। सभी आगंतुकों ने इन व्यंजनों की खूब तारीफ की और बड़े चाव से खाया। यह भोज सिर्फ खाने का नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे और एकजुटता का प्रतीक था।
समस्याओं पर मिली सहायता की उम्मीद
कार्यक्रम में सरपंच रचना कश्यप ने स्कूल के चौतरफा विकास के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिया। गाँव वालों और जनप्रतिनिधियों ने शिक्षकों की कमी और स्कूल भवन की जरूरत जैसी समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा। अधिकारियों ने भी इन समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया, जिससे गाँव वालों में उम्मीद की नई किरण जगी।
इस कार्यक्रम में श्री रैतूराम कश्यप, खतो राम कश्यप, रोहित कश्यप और पप्पू कश्यप जैसे कई सक्रिय ग्रामीण भी मौजूद थे, जिनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।