डिकेश शर्मा दुर्गूकोंदल (कांकेर)। विकासखंड दुर्गूकोंदल में सरकारी योजनाओं के तहत हुए स्कूल भवनों के मरम्मत कार्यों में भारी गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के खिलाफ अब आवाज़ बुलंद होने लगी है। सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग के नेतृत्व में शुक्रवार को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर राज्यपाल, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए।
किन योजनाओं में बताई गई गड़बड़ी?
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दुर्गूकोंदल क्षेत्र में मुख्यमंत्री जतन योजना, समग्र शिक्षा योजना और विशेष केंद्रीय मद के तहत सैकड़ों स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए लाखों रुपये स्वीकृत किए गए थे। इन मरम्मत कार्यों की जिम्मेदारी शाला प्रबंधन समिति (SMC) को सौंपी जानी थी, लेकिन इसके बावजूद कार्य निजी ठेकेदारों को सौंप दिया गया।
कैसे हुआ कथित घोटाला?
सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों का आरोप है कि खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने ठेकेदारों के साथ मिलीभगत कर मरम्मत कार्य कराए, जिसमें न तो गुणवत्ता का ध्यान रखा गया और न ही निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया
“बिल्डिंग की रंगाई-पुताई करके खानापूर्ति की गई है, जबकि मरम्मत कार्य बहुत ही कम हुआ है।” — प्रदर्शन में शामिल नेता
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि असली मरम्मत की जगह फाइलों में काम दिखाया गया और फर्जी मूल्यांकन कराकर सरकारी राशि को डकार लिया गया।
शिक्षकों पर दबाव, समिति की अनदेखी
इस मामले में शिक्षकों पर जबरन उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) देने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि शाला प्रबंधन समिति और स्कूल स्टाफ को मरम्मत कार्यों से दूर रखा गया। इस पूरी प्रक्रिया में संस्था प्रमुखों की राय नहीं ली गई, न ही निर्माण में पारदर्शिता बरती गई।
धरना स्थल पर उपस्थित ब्लॉक अध्यक्ष हरेश रावटे, जिला उपाध्यक्ष राजेश गोटा, दीपक कल्लो, अश्विन दुग्गा सहित अन्य सदस्यों ने बताया कि कई बार प्रशासन को ज्ञापन दिया गया, लेकिन कोई ठोस जांच नहीं हुई।अब प्रदर्शन कर एफआईआर दर्ज कर मामले की सीबीआई या EOW से जांच कराने की मांग की जा रही है, ताकि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले अफसरों और ठेकेदारों को सजा मिल सके।
ज्ञापन में मुख्य मांगें
मरम्मत कार्यों में गड़बड़ी की जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए।
शाला प्रबंधन समिति की भूमिका को दरकिनार करने वालों पर कार्रवाई हो।
फर्जी उपयोगिता प्रमाण पत्र के दबाव से शिक्षकों को राहत दी जाए।
भवन निर्माण में गुणवत्ता और पारदर्शिता की अनिवार्यता तय की जाए।
आगे क्या होगा?
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 17 अगस्त 2025 तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं होती, तो:
18 अगस्त को फिर से धरना प्रदर्शन होगा।
19 अगस्त को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
उन्होंने साफ कर दिया है कि यदि आंदोलन को उग्र करना पड़ा, तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन और शासन की होगी।
धरना स्थल पर कौन-कौन रहा मौजूद?
इस एक दिवसीय धरने में सैकड़ों लोग शामिल हुए, जिनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
विष्णु कोवाची
अजय मरकाम
रूपेंद्र कोर्राम
शंकर कुंजाम
भुनेश नरेटी
जोहार पिद्दा
सितेश हिड़को
बल्दू दर्रो
उदय पूरामे
मिथलेश सोरी
खुसबू नरेटी
डिंपल कोमरा
राधा कोमरा
उमेश्वरी दुग्गा
रविशंकर कोवाची
लोकेश साहू
प्रवीण नेताम
कृष्णा कल्लो
अरुण कल्लो
रैनासिंह दुग्गा
लकेश्वर कोमरा
विजय गावड़े
देव आँचला
संजय कल्लो
मेहतर मंडावी
इन सबने भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर प्रशासन को चेताया कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो अगला कदम और बड़ा होगा।