डिकेश शर्मा दुर्गूकोंदल (कांकेर)।
गांव की योजनाओं में हो रही गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को लेकर सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को समाज के युवा पदाधिकारियों ने स्कूल भवन मरम्मत, रीपा योजना और मावा मोदोल लाइब्रेरी भवन से जुड़ी अनियमितताओं की जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर तहसीलदार दुर्गूकोंदल को जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।
कई योजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप
ज्ञापन में बताया गया कि स्कूल भवन की मरम्मत में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। इसके अलावा रीपा योजना में पुराने मिनी राइस मिल और फ्लेक्स मशीन को खरीद दिखाकर फर्जी बिलों के जरिए पैसे का दुरुपयोग किया गया है। साथ ही मावा मोदोल पुस्तकालय भवन की मरम्मत में भी गड़बड़ियों की बात सामने आई है।
मीडिया में खुलासा, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग के अध्यक्ष हरेश रावटे और उनके साथियों ने बताया कि इन गड़बड़ियों की जानकारी पहले ही मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए सामने आ चुकी है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारियों या कर्मचारियों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे आम लोगों का प्रशासन पर से भरोसा उठ रहा है।
प्रशासन को चेताया, जांच नहीं हुई तो होगा आंदोलन
ज्ञापन सौंपने आए प्रतिनिधियों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि इन मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं कर दोषियों को सजा नहीं दी गई, तो समाज के लोग आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि गांव की योजनाओं में इस तरह की अनियमितताएं गरीब और जरूरतमंद लोगों के हक को छीन रही हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में कौन-कौन थे शामिल
इस मौके पर सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनमें
हरेश रावटे (अध्यक्ष)
विजय कोमरा
राजेश गोटा
अशवन दुग्गा
दीपक कल्लो
विष्णु कोवाची
मुकेश गावड़े
मेहतर मंडावी
कृष्णा कल्लो
अनिल नेताम
जगदीश पुड़ो
रूपेंद्र कोर्राम
यशवंत मरकाम
शामिल रहे।
जनता की उम्मीदें प्रशासन से
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन योजनाओं से गांव का विकास होना चाहिए, वहीं अगर भ्रष्टाचार का अड्डा बन जाए तो यह बेहद दुखद है। जनता की उम्मीदें प्रशासन से हैं कि जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो और गड़बड़ियों में इस्तेमाल हुए पैसों की वसूली की जाए।