जगदलपुर, बस्तर | 18 जुलाई 2025
तेज रफ्तार, तेज रोशनी और प्रेशर हॉर्न जैसे खतरनाक ट्रेंड पर अब बस्तर पुलिस ने लगाम कसना शुरू कर दिया है। सड़क हादसों को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने जिलेभर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया।
यह अभियान 14 जुलाई से 17 जुलाई 2025 तक चलाया गया, जिसमें कुल 256 वाहनों के खिलाफ मोटर यान अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की गई। इनमें से 62 बस और ट्रक चालकों को विशेष रूप से नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर दंडित किया गया।
किस बात पर हुई कार्रवाई?
बस्तर पुलिस की इस कार्रवाई का फोकस उन वाहनों पर था जो तेज गति, चकाचौंध करने वाली लाइट्स, और कानफोड़ू हॉर्न के साथ सड़कों पर दौड़ते हैं। इसके अलावा, बिना सीट बेल्ट, ब्लैक फिल्म वाले शीशों, और शराब पीकर गाड़ी चलाने जैसे गंभीर उल्लंघनों पर भी कार्रवाई की गई।
मुख्य बिंदु:
स्पीड गवर्नर नहीं होना – 21 वाहन
बहुरंगी लाइट/तेज रोशनी – 23 वाहन
प्रेशर हॉर्न – 15 वाहन
ओवरस्पीड – 19 वाहन
बिना सीट बेल्ट – 34 वाहन
शीशे पर ब्लैक फिल्म – 2 वाहन
शराब पीकर गाड़ी चलाना – 2 वाहन
अन्य धाराओं में – 140 वाहन
अभियान की अगुवाई
इस कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देश पर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। यातायात उप पुलिस अधीक्षक संतोष जैन, यातायात प्रभारी मधुसूदन नाग, और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी डी.सी. बंजारे सहित ट्रैफिक और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमों ने यह कार्रवाई की।
इनकी टीम में सुदर्शन दुबे, सुखदेव बघेल, अनिल कुलदीप, यतेन्द्र देवांगन, प्रवीण जोशी, राजकुमार ऑडील, प्रधान आरक्षक प्रकाश देवांगन और अन्य यातायात कर्मी शामिल रहे।
कहाँ-कहाँ हुई जांच?
राष्ट्रीय राजमार्ग NH-30 (रायपुर रोड) और NH-63 (गीदम रोड) पर प्रमुख स्थानों जैसे आमागुड़ा चौक, आसना चौक, केशलूर चौक और NMDC चौक पर बसों, ट्रकों और अन्य कमर्शियल वाहनों की सघन चेकिंग की गई।
अधिकतर मामले उन वाहनों के पाए गए जो यात्रियों या माल को जल्दी गंतव्य तक पहुंचाने के चक्कर में निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
पुलिस अधीक्षक की अपील
पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा ने आम जनता से अपील करते हुए कहा,
“सुरक्षित सफर के लिए जरूरी है कि सभी वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का पालन करें। तेज गति, तेज लाइट्स और प्रेशर हॉर्न न केवल खुद के लिए खतरनाक हैं, बल्कि दूसरों की जान के लिए भी खतरा बन सकते हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।