Kanker (Chhattisgarh). किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) की 20वीं किस्त किसानों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई है। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से देशभर के 9.7 करोड़ से ज्यादा किसानों को 20,500 करोड़ रुपये की राशि जारी की। इस योजना से छत्तीसगढ़ के 25 लाख से ज्यादा किसान लाभान्वित हुए हैं। (20th Installment of Pm Kisan Samman Nidhi Released)
इसी क्रम में कांकेर जिले के 81,781 किसानों के खातों में कुल 20.22 करोड़ रुपये की राशि पहुंच चुकी है। इस राशि से किसानों को खरीफ सीजन की खेती के लिए खाद-बीज और अन्य ज़रूरी संसाधनों की खरीद में मदद मिलेगी।
कृषि विज्ञान केंद्र कांकेर में हुआ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण
कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विभाग कांकेर के संयुक्त आयोजन में इस मौके पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां प्रधानमंत्री के लाइव संबोधन का सीधा प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
इस मौके पर छत्तीसगढ़ राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, पूर्व सांसद मोहन मण्डावी, पूर्व विधायक शिशुपाल शोरी और सुमित्रा मारकोले, जिला पंचायत सीईओ हरेश मण्डावी, जनपद पंचायत कांकेर की अध्यक्ष पूर्णिमा कावड़े, पूर्व अध्यक्ष रामचरण कोर्राम, जनप्रतिनिधि राजीवलोचन सिंह और स्थानीय सरपंचगण मौजूद रहे।
किसानों के लिए बड़ी योजना है पीएम किसान सम्मान निधि – भरत मटियारा
कार्यक्रम में बोलते हुए मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसे फरवरी 2019 में शुरू किया गया था।
इसके तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6000 रुपये की सहायता दी जाती है। इस बार प्रधानमंत्री ने 20वीं किस्त के रूप में देशभर में 20,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की है। यह पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचाया गया है, ताकि किसान अपनी खेती से जुड़ी जरूरतें आसानी से पूरी कर सकें।
छत्तीसगढ़ सरकार भी दे रही किसानों को कई लाभ
भरत मटियारा ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की भलाई के लिए लगातार काम कर रही है। महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये दिए जा रहे हैं। वहीं, गरीबों के लिए पक्के मकान, घर-घर शौचालय निर्माण, तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए चरण पादुका योजना जैसी कई योजनाएं शुरू की गई हैं।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ जरूर उठाएं और आधुनिक खेती के साथ-साथ मुर्गी पालन, मछली पालन, बकरी पालन जैसे अन्य व्यवसायों में भी रुचि लें।
किसानों को आत्मनिर्भर बनने की सलाह – पूर्व सांसद मोहन मण्डावी
पूर्व सांसद मोहन मण्डावी ने इस मौके पर किसानों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि किसान देश के अन्नदाता हैं। उन्होंने किसानों को खेती-किसानी के साथ-साथ उससे जुड़े अन्य व्यवसायों को अपनाने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि अगर किसान सही तरीके से खेती करें और अपने विवादों को गांव में ही निपटाएं तो कोर्ट-कचहरी से भी बचा जा सकता है। साथ ही उन्होंने लाख पालन की खेती को भी बढ़ावा देने की बात कही।
कृषि वैज्ञानिकों ने दिए आधुनिक खेती के सुझाव
कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र कांकेर द्वारा किसान मेला भी लगाया गया। यहां वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बीरबल साहू, कृषि उप संचालक जितेन्द्र कोमरा सहित कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की सलाह दी।
प्रदर्शन के लिए एग्रीड्रोन का डेमो भी दिखाया गया, जिससे किसानों को समझाया गया कि कैसे आधुनिक तकनीक से कम समय और कम लागत में खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है।
प्रतीकस्वरूप पांच किसानों को मिले बीज और प्रमाण पत्र
कार्यक्रम में प्रतीकस्वरूप पांच किसानों को उड़द बीज, पीएम किसान सम्मान निधि योजना का प्रमाण पत्र और मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। इससे बाकी किसानों को भी प्रेरणा मिली।
हेमलाल जैन और रमेश साहू जैसे किसान हुए लाभान्वित
ग्राम हाटकोंगेरा के किसान हेमलाल जैन ने बताया कि उन्हें इस योजना का लाभ शुरू से मिल रहा है और इससे खाद-बीज की खरीदी में मदद मिलती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।
वहीं ग्राम धनेलीकन्हार के रमेश कुमार साहू ने बताया कि उन्हें सालाना 6000 रुपये की मदद मिलती है जिससे वे दवाइयों और खरपतवारनाशक की खरीदी करते हैं। उन्होंने भी प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद कहा।