रविशंकर सोनी पन्ना/ पवई पन्ना । Simariya Murder Case पन्ना पुलिस ने एक बार फिर अपनी सतर्कता और तेजी का परिचय देते हुए सिमरिया थाना क्षेत्र में हुई अंधी हत्या का खुलासा महज 24 घंटे में कर दिया। यह मामला एक ऐसे व्यक्ति की हत्या से जुड़ा था, जिसका शव सड़क किनारे संदिग्ध हालत में मिला था। जांच में पता चला कि शराब पार्टी के दौरान हुए विवाद ने एक निर्दोष की जान ले ली।
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घटना 10 से 11 नवंबर की रात की है, जब थाना सिमरिया क्षेत्र के मोहन्द्रा–पटेरा मार्ग पर ग्राम जमुन्हा के पास एक व्यक्ति का शव सड़क किनारे पड़ा मिला। मृतक के गले में तौलिया बंधा हुआ था और शरीर पर चोट के कई निशान थे। मौके से उसका मोबाइल फोन भी गायब था, जिससे पुलिस ने मामला संदिग्ध मानकर जांच शुरू की। Simariya Murder Case
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मृतक की पहचान भगवानदास पांडे (45 वर्ष) निवासी ग्राम बिनती, थाना हटा, जिला दमोह के रूप में की गई। भगवानदास पांडे दमोह की एक कबोटा ट्रैक्टर एजेंसी में एजेंट के तौर पर काम करता था। उनके भाई अरविंद पांडे ने थाना सिमरिया में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनका भाई 10 नवंबर को दमोह से खमरिया काम पर गया था, लेकिन घर नहीं लौटा। रिपोर्ट में हत्या की आशंका जताई गई। Simariya Murder Case
पुलिस ने बनाई विशेष टीम, तकनीकी साक्ष्यों से खोला हत्या का राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पन्ना पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। Simariya Murder Case
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना चौहान और एसडीओपी पवई भावना दांगी के निर्देशन में थाना प्रभारी सिमरिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। Simariya Murder Case
टीम ने मौके पर जाकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए, आस-पास के ग्रामीणों से पूछताछ की और मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल व लोकेशन खंगाली। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल नेटवर्क डेटा का विश्लेषण करने पर पुलिस को दो संदिग्धों के बारे में जानकारी मिली — बेडीलाल आदिवासी (47 वर्ष) और लल्लू आदिवासी (35 वर्ष), दोनों ग्राम बारी जमुन्हा के रहने वाले।
लगातार तलाशी अभियान और निगरानी के बाद, पुलिस ने घटना के अगले ही दिन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
शराब के नशे में विवाद ने ली जान
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 10 नवंबर को भगवानदास अपने काम से खमरिया आया था। वहां से वह दोनों आरोपियों बेडीलाल और लल्लू के पास पहुंचा, जिनसे उसकी पुरानी पहचान थी। तीनों ने साथ में बैठकर शराब पी, इसी दौरान किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। Simariya Murder Case
जब भगवानदास वहां से घर जाने लगा, तो दोनों आरोपी गुस्से में पीछे-पीछे गए। रात करीब 12 बजे मोहन्द्रा–पटेरा मार्ग पर उसे रोककर दोनों ने लात-घूंसों और पत्थर से हमला कर दिया। इसके बाद गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने शव को सड़क किनारे डाल दिया और उसे आत्महत्या जैसा दिखाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे।
पुलिस ने बरामद किया मोबाइल और हत्या में प्रयुक्त पत्थर
पुलिस ने जांच के दौरान मृतक का एंड्रॉयड मोबाइल फोन (आसमानी रंग) और रक्त से सना पत्थर जब्त किया, जो हत्या में प्रयुक्त हुआ था।
दोनों आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय जेएमएफसी पवई में पेश किया गया।
पुलिस टीम का सराहनीय योगदान
इस पूरी कार्यवाही में थाना प्रभारी सिमरिया निरीक्षक जे.पी. सिंह, उनि. जे.पी. अहिरवार (चौकी प्रभारी हरदुआ), योगेन्द्र गायकवाड़, स्मिता सिंह बघेल (चौकी प्रभारी मोहन्द्रा), सउनि. पूर्णानंद मिश्रा, आरक्षक नवीन चौरसिया और सिमरिया थाना स्टाफ का विशेष योगदान रहा। Simariya Murder Case
पन्ना पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यदि जांच ईमानदारी और तकनीकी साक्ष्यों पर आधारित हो, तो कोई भी अपराधी पुलिस की पकड़ से नहीं बच सकता। Simariya Murder Case