मऊगंज जिले के (Emotional Ceremony) नईगढ़ी ब्लॉक में स्थित पीएम श्री शासकीय हाई स्कूल फुलहा में दिन भावनाओं से भरा रहा। यह दिन था प्रधानाध्यापक रामावतार शर्मा की सेवानिवृत्ति का। उनके सम्मान में आयोजित विदाई समारोह में ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम कर दीं।
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जैसे ही मंच पर शर्मा सर को सम्मानित किया गया, छात्रों के दिलों में भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। छात्राएं रोते हुए अपने प्रिय गुरुजी को फूलों की माला पहनाने आगे बढ़ीं, तो खुद शिक्षक भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। पूरे स्कूल में सन्नाटा और भावुकता का माहौल छा गया। (Emotional Ceremony)
“आपने हमें सिर्फ पढ़ाया नहीं, जीना सिखाया”
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए। एक छात्रा ने भावुक होकर कहा, “शर्मा सर ने हमें सिर्फ किताबें नहीं पढ़ाईं, उन्होंने हमें जीवन के मूल्य सिखाए। आज जो हम आत्मविश्वास से बोल पाते हैं, वह उन्हीं की सीख है।” (Emotional Ceremony)
वहीं एक अन्य छात्र ने कहा कि “सर हमारे लिए पिता समान हैं। उनकी सादगी, अनुशासन और स्नेह ने हमेशा हमें प्रेरित किया।”
शिक्षकों ने भी की तारीफ, बोले – शिक्षा को मिशन बनाया
कार्यक्रम में मौजूद अन्य शिक्षकों ने भी प्रधानाध्यापक के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि रामावतार शर्मा ने ग्रामीण क्षेत्र के बावजूद शिक्षा को प्राथमिकता दी और स्कूल को प्रदेश में एक पहचान दिलाई। उनके नेतृत्व में स्कूल में न केवल रिजल्ट बेहतर हुए, बल्कि छात्रों में संस्कार और अनुशासन की भावना भी मजबूत हुई। (Emotional Ceremony)
शिक्षकों ने कहा कि उन्होंने हमेशा विद्यार्थियों को “पहले इंसान बनो, फिर विद्वान” की सीख दी। यही बात उन्हें बाकी शिक्षकों से अलग बनाती है। (Emotional Ceremony)
गाना गाते हुए भर आई आंखें, वायरल हुआ वीडियो
कार्यक्रम के अंत में जब प्रधानाध्यापक शर्मा मंच पर आए, तो उन्होंने रोते हुए कहा – “यह स्कूल मेरे लिए घर जैसा रहा, और आप सब मेरे परिवार का हिस्सा हैं।” (Emotional Ceremony)
इसके बाद उन्होंने एक भावुक गीत गाकर अपनी विदाई को यादगार बना दिया। उनका गाना सुनकर पूरा माहौल भावुक हो गया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
“गुरु-शिष्य का रिश्ता कभी पुराना नहीं होता”
इस भावनात्मक कार्यक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि गुरु और शिष्य का रिश्ता सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह जीवनभर का संबंध है। (Emotional Ceremony)
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मऊगंज जिले की इस विदाई ने यह संदेश दिया कि समय चाहे कितना भी आधुनिक क्यों न हो जाए, लेकिन एक सच्चा शिक्षक आज भी विद्यार्थियों के दिलों में जगह बना लेता है। (Emotional Ceremony)
प्रधानाध्यापक रामावतार शर्मा का पूरा जीवन शिक्षा को समर्पित रहा। उन्होंने न केवल सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य संवारा, बल्कि उन्हें जीवन के संस्कार भी दिए। उनकी विदाई पर जो दृश्य सामने आया, वह इस बात का प्रमाण है कि अच्छे शिक्षक कभी भुलाए नहीं जाते। (Emotional Ceremony)