कोंडागांव। Kondagaon rainfall loss जिले के बयानार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम चेरंग में शनिवार की शाम हुई भारी बारिश ने किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया। मौसम के अचानक बदलने से हुई तेज झमाझम बारिश और पानी के तेज बहाव ने खेतों में खड़ी धान की फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया। जिन किसानों ने कई महीनों की मेहनत और हजारों रुपये खर्च कर फसल तैयार की थी, वे अब पूरी तरह टूट चुके हैं।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि शाम को अचानक बादल छा गए और कुछ ही मिनटों में तेज बारिश शुरू हो गई। लगातार दो घंटे तक हुई बारिश से खेतों में पानी भर गया और कई जगहों पर पानी का बहाव इतना तेज था कि कटी हुई फसलें बहकर नालों और नदी तक पहुंच गईं। इस आपदा में ग्राम के छह किसानों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। Kondagaon rainfall loss
पीड़ित किसानों में जयराम नेताम पिता गांण्डो राम नेताम, फूलसिंह कोर्राम पिता बजूराम कोर्राम, चैनू कोर्राम पिता बुधसन कोर्राम, सोबराय सलाम पिता बाण्डा सलाम, रामचंद्र पोयाम पिता बलदेव पोयाम और मोतीराम पोयाम पिता बलदेव पोयाम शामिल हैं। इन सभी किसानों की मेहनत अब पानी में बह गई है। Kondagaon rainfall loss
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किसानों का कहना है कि इस वर्ष उन्होंने फसल की तैयारी में खाद, बीज, मजदूरी और ट्रैक्टर जुताई जैसे कामों में लगभग 40 से 50 हजार रुपये तक खर्च किए थे। वे उम्मीद कर रहे थे कि अच्छी उपज से इस बार कर्ज चुका देंगे और दीपावली से पहले घर की ज़रूरतें पूरी कर पाएंगे, लेकिन एक ही रात की बारिश ने उनकी सारी उम्मीदें तोड़ दीं। Kondagaon rainfall loss
जयराम नेताम ने बताया, “हम लोगों ने फसल तैयार करने में महीनों मेहनत की थी। धान लगभग तैयार थी, बस कुछ दिन बाद कटाई शुरू करनी थी, लेकिन शनिवार की बारिश ने सब कुछ खत्म कर दिया। कई किसानों की फसल बहकर दूसरे खेतों में चली गई, तो कुछ की नदी तक पहुंच गई।” Kondagaon rainfall loss
ग्राम के अन्य किसान चैनू कोर्राम ने बताया कि बारिश के बाद खेतों में कई जगह जलभराव हो गया है। ऐसे में अब दोबारा खेती करना भी मुश्किल है क्योंकि खेतों में पानी उतरने में कई दिन लग जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार तुरंत मदद नहीं करती है, तो गांव के कई किसान आगामी रबी फसल की तैयारी भी नहीं कर पाएंगे। Kondagaon rainfall loss
ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन से अब तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। रविवार शाम ग्रामीणों ने खुद नुकसान का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों को भेजा, ताकि शासन-प्रशासन तक यह बात पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द सर्वे और राहत का काम शुरू नहीं किया गया तो किसानों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो जाएगी।
पीड़ित किसानों ने शासन-प्रशासन से उचित मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बारिश और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में किसानों को तुरंत आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए, ताकि वे अपने कर्ज का भुगतान कर सकें और फिर से खेती शुरू कर सकें। Kondagaon rainfall loss
गांव के वरिष्ठ किसान रामचंद्र पोयाम ने बताया कि “हमने कई बार इस इलाके में जलभराव की समस्या को लेकर शिकायत की है। नाले की सफाई नहीं होने और पानी की निकासी की व्यवस्था न होने के कारण हर साल कुछ न कुछ नुकसान होता है, लेकिन इस बार स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही। इस बार जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई बिना सरकारी मदद के संभव नहीं है।”
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि चेरंग क्षेत्र में हुए फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते सर्वे नहीं हुआ तो बारिश का असर और फैल सकता है, जिससे बाकी खेतों की फसलें भी खतरे में पड़ जाएंगी। Kondagaon rainfall loss
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल है। कई किसान अब इस बात को लेकर आशंकित हैं कि अगर मौसम फिर बिगड़ा तो बाकी बची फसलें भी प्रभावित हो सकती हैं। वहीं, प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे किसानों में नाराजगी है। Kondagaon rainfall loss
ग्रामवासी उम्मीद कर रहे हैं कि जिला प्रशासन जल्द मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेगा और पीड़ितों को राहत दिलाने की प्रक्रिया शुरू करेगा। फिलहाल, चेरंग के किसानों की एक ही गुहार है — “सरकार हमारी सुध ले, ताकि हम फिर से खेतों में बीज बो सकें।” Kondagaon rainfall loss