जगदलपुर। Bastar Health Department बस्तर जिले में निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों की मनमानी पर अब जिला प्रशासन सख्त हो गया है। कलेक्टर हरिस एस के निर्देश पर जिला नर्सिंग होम एक्ट समिति ने शहर और आसपास संचालित निजी स्वास्थ्य संस्थानों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान नियमों की अनदेखी और कई कमियां मिलने पर समिति ने 5 संस्थानों पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाने की अनुशंसा की है। वहीं, 15 संस्थानों के पंजीयन आवेदन को नियमों के अनुरूप न पाए जाने पर अस्वीकार कर दिया गया है।
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समिति की जांच में पाया गया कि कई अस्पताल और पैथोलॉजी लैब बिना जरूरी दस्तावेजों और मानकों को पूरा किए संचालित हो रहे हैं। नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले इन संस्थानों पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है ताकि आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण और वैधानिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। Bastar Health Department
इन संस्थानों पर लगा जुर्माना
निरीक्षण के दौरान जिन संस्थानों में गंभीर अनियमितताएं मिलीं, उनमें स्पर्श पॉलीक्लीनिक, स्पर्श पैथोलॉजी लैब, बालाजी पॉलीक्लीनिक, मेडिकेयर पैथोलॉजी लैब और बालाजी डायग्नोस्टिक सर्विसेस शामिल हैं। समिति ने प्रत्येक संस्थान पर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए कुल एक लाख रुपए का अर्थदंड अधिरोपित करने की अनुशंसा की है। Bastar Health Department
15 संस्थानों के आवेदन हुए रद्द
जिला नर्सिंग होम एक्ट समिति ने लंबित पंजीयन आवेदनों की भी समीक्षा की। जांच के दौरान 15 निजी स्वास्थ्य संस्थानों के आवेदन अधूरे पाए गए या वे नियमों के अनुरूप नहीं थे। इन सभी के आवेदन अस्वीकार कर दिए गए हैं। Bastar Health Department
रद्द किए गए संस्थानों में वशिष्ठ आयुर्वेदिक क्लीनिक (धरमपुरा), संजीवनी क्लीनिक (नगरनार), डॉ. गोपेश कुमार क्लीनिक (पुराना गीदम रोड), डॉ. आजाद डायग्नोस्टिक (चोकावाड़ा और प्रताप देव वार्ड), पंजाब पॉलीक्लीनिक (प्रताप देव वार्ड), स्वास्थ्य हित पॉलीक्लीनिक (सेमरा), प्रीयांश पॉलीक्लीनिक (परपा नाका), डॉ. हेमंत कुमार कलेक्शन सेंटर (बालाजी वार्ड), डॉ. सोनी पॉलीक्लीनिक (भैरम देव वार्ड), पैथोलॉजी लैब कलेक्शन सेंटर (उसरीबेड़ा), राधा स्वामी हॉस्पिटल (आडावाल), डॉ. योगिता पॉलीक्लीनिक (कस्तुरी), दंतेश्वरी ट्रॉमा एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल (धरमपुरा रोड) और उज्जवल डायग्नोस्टिक सेंटर (डॉ. लागू हॉस्पिटल रोड) शामिल हैं। Bastar Health Department
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नियम तोड़ने वालों पर होगी और कार्रवाई
जिला नोडल अधिकारी डाॅ. भंवर शर्मा ने बताया कि इन संस्थानों का आवेदन अस्वीकार करने की अनुशंसा जिला समिति द्वारा की गई है। उन्होंने कहा कि कलेक्टर हरिस एस ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसे संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाए जो बिना पंजीयन के संचालित हो रहे हैं या राज्य से बाहर के चिकित्सकों को बिना अनुमति के सेवाएं देने की अनुमति दे रहे हैं।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि जिले में पहले से पंजीकृत अस्पतालों, पैथोलॉजी लैब और डायग्नोस्टिक सेंटरों की दोबारा जांच की जाएगी। जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां लाइसेंस रद्द करने या संस्था को बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण इलाकों में भी चलेगी जांच
समिति ने यह भी तय किया है कि अब ग्रामीण इलाकों में भी निरीक्षण दल भेजे जाएंगे। इन टीमों का काम अवैध चिकित्सकों, झोलाछाप डॉक्टरों और बिना अनुमति चल रही लैब पर नजर रखना होगा। कलेक्टर ने कहा कि जिले में किसी भी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। Bastar Health Department
उन्होंने यह भी जोड़ा कि –
“लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर निजी स्वास्थ्य केंद्र को कानून और नर्सिंग होम एक्ट के तहत निर्धारित मानकों का पालन करना जरूरी है।”
स्वास्थ्य विभाग की सख्ती से मिलेगी राहत
जिला नर्सिंग होम एक्ट समिति की यह कार्रवाई न सिर्फ शहर बल्कि ग्रामीण इलाकों के लिए भी एक बड़ा संदेश है। अब ऐसे संस्थानों पर शिकंजा कसेगा जो बिना पंजीयन और बिना योग्य चिकित्सकों के इलाज का दावा करते हैं। इससे न केवल आम लोगों को वैधानिक और सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि गलत तरीके से संचालित संस्थान भी सुधरने के लिए बाध्य होंगे।
बस्तर प्रशासन का यह कदम स्वास्थ्य क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम साबित हो सकता है। आने वाले दिनों में जिला स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षण और सख्त कार्रवाई से उम्मीद है कि लोगों को बेहतर, सुरक्षित और भरोसेमंद चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। Bastar Health Department
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