रविशंकर सोनी पन्ना/पवई , CyberFraud पन्ना जिले की पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड के एक अंतरराज्यीय गिरोह के दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी बैंक अधिकारी बनकर लोगों से ठगी किया करते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 8 लाख 50 हजार रुपये नगद, सोना, चांदी, लैपटॉप, मोबाइल और कई फर्जी दस्तावेज समेत करीब *16 लाख रुपये का माल* जब्त किया है।
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यह मामला पवई थाना क्षेत्र का है, जहां फरियादी अशोक कुमार सोनी, निवासी ग्राम सिमरिया गुलाब सिंह (हाल निवासी वार्ड क्रमांक 10 पवई) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने खुद को एसबीआई क्रेडिट कार्ड अधिकारी बताकर उनके बैंक खाते से करीब 14 लाख रुपये की ठगी कर ली। CyberFraud
इस रिपोर्ट पर पुलिस ने तुरंत अपराध दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
तकनीकी टीम और मुखबिर की मदद से मिली सफलता
पन्ना पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता नायडू के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना चौहान के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम बनाई गई। CyberFraud
टीम ने साइबर सेल की तकनीकी सहायता लेते हुए ठगों के मोबाइल नंबर और बैंक ट्रांजेक्शन का विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि गिरोह का ठिकाना देवघर, झारखंड में है। CyberFraud
मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम वहां पहुंची और ग्राम ऊपर बिलेरिया थाना पथरौल से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उनके बताए ठिकाने से ठगी की रकम और अन्य सामान जब्त किया गया। CyberFraud
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गिरफ्तार आरोपी
- हसन रजा, पिता मोहम्मद शकील अंसारी, उम्र 27 वर्ष, निवासी ग्राम कसैया, थाना पथरौल, जिला देवघर (झारखंड)
- इरफान अंसारी, पिता अताउल अंसारी, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम ऊपर बिलेरिया, थाना पथरौल, जिला देवघर (झारखंड)
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। CyberFraud
ठगी करने का तरीका (Modus Operandi)
पुलिस ने बताया कि आरोपी बेहद चालाकी से लोगों को झांसे में लेते थे। उनका तरीका कुछ इस तरह था–
- खुद को बैंक अधिकारी बताकर क्रेडिट या डेबिट कार्ड बंद होने, रिन्यू कराने या लिमिट बढ़ाने का झांसा देते।
- मोबाइल पर AnyDesk या TeamViewer जैसे रिमोट ऐप डाउनलोड करवाते।
- ओटीपी या बैंक जानकारी लेकर खाते से पैसे ट्रांसफर कर लेते।
- कई बार पेमेंट लिंक या APK फाइल भेजकर मोबाइल हैक कर लेते थे।
जब्त सामग्री की पूरी सूची
- नकद: ₹8,50,000
- सोना: 18 ग्राम (कीमत लगभग ₹2 लाख)
- चांदी: 1 किलो (कीमत ₹1.5 लाख)
- लैपटॉप: 1 (कीमत ₹50,000)
- मोबाइल: 10 (कुल कीमत ₹3.5 लाख)
- सिमकार्ड: 15
- चेकबुक/पासबुक: 13
- एटीएम/क्रेडिट कार्ड: 18
- पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज: कुल मिलाकर ₹16 लाख का मशरूका बरामद किया गया।
पुलिस टीम को मिलेगा सम्मान
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी पवई निरीक्षक त्रिवेन्द्र त्रिवेदी, उनि कमल विक्रम पाठक, प्र.आर. सुरेंद्र प्रजापति, आर. राहुल, विकास, राजेश बरखने और सायबर पुलिस टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। CyberFraud
पुलिस अधीक्षक पन्ना ने इन सभी अधिकारियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
https://twitter.com/DainikHistory?t=un2EfdiIG8L5BD8EkPp2qg&s=08
अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं मामले
पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई और राज्यों में हुई ऑनलाइन ठगी के मामलों का खुलासा हो सकता है।
फिलहाल पन्ना पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
पन्ना पुलिस की यह कार्रवाई न केवल जिले में बल्कि पूरे प्रदेश में साइबर ठगों के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। यह घटना एक चेतावनी भी है कि फोन या ऑनलाइन माध्यम से आने वाले किसी भी बैंक या कार्ड अपडेट कॉल पर बिना पुष्टि के कोई जानकारी साझा न करें। CyberFraud
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