कांकेर। social media crime सोशल मीडिया पर आए दिन आपत्तिजनक पोस्ट और टिप्पणियों के मामले सामने आते रहते हैं। ताज़ा मामला कांकेर जिले का है, जहां फेसबुक अकाउंट से साहू समाज पर अश्लील और जातिसूचक टिप्पणी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले के सामने आने के बाद पूरे साहू समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला।
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मामला कैसे सामने आया?
जानकारी के अनुसार, जिला साहू संघ अध्यक्ष लक्ष्मीकांत साहू ने थाना कांकेर में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि एक फेसबुक यूज़र मनोज मंडावी पिता अंजोर सिंह मंडावी, उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम बुदेली, थाना कांकेर द्वारा साहू समाज पर अभद्र, अश्लील और अमर्यादित टिप्पणी की गई है। इसके साथ ही आरोपी ने अपने फेसबुक अकाउंट से समाज, धर्म और विभिन्न वर्गों पर भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट साझा किए। social media crime
इन पोस्ट्स के कारण साहू समाज ही नहीं, बल्कि अन्य समुदायों और धार्मिक वर्गों की भावनाओं को भी ठेस पहुंची। यही वजह रही कि पूरे समाज ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। social media crime
आरोपी ने क्या किया था?
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मनोज मंडावी ने अपने फेसबुक अकाउंट के जरिए न केवल भद्दे शब्द लिखे, बल्कि समाज और धर्म के खिलाफ विद्वेष फैलाने वाली टिप्पणियां और फोटो भी वायरल किए। इन पोस्ट्स का मकसद किसी खास वर्ग और धर्म को बदनाम करना और आपसी भाईचारे में दरार डालना बताया जा रहा है। social media crime
ऐसे मामलों में सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल एक गंभीर अपराध माना जाता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर समाज की शांति और सौहार्द्र को प्रभावित करता है। social media crime
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
शिकायत मिलते ही कांकेर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया। आरोपी के खिलाफ थाना कांकेर में अपराध क्रमांक 333/2025 धारा 196(1), 196(2), 299 और 302 बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। social media crime
पुलिस ने कार्रवाई में देरी नहीं की और 10 सितंबर 2025 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। social media crime
कार्रवाई में किसकी रही अहम भूमिका?
इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी कांकेर निरीक्षक मनीष नागर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम में सुरेंद्र मानिपुरी सिंह, प्रआर सुरेश भुआर्य, आरक्षक श्रवण ठाकुर और पुरन लाल साहू शामिल रहे। टीम की तत्परता के चलते आरोपी को कम समय में पकड़कर न्यायिक प्रक्रिया के हवाले किया गया। social media crime
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समाज में आक्रोश और संदेश
इस घटना के बाद साहू समाज और अन्य समुदायों में गुस्सा साफ देखा गया। समाज के लोगों ने इसे केवल एक समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि समाज की एकता और धार्मिक भावनाओं पर सीधा हमला बताया। social media crime
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं है कि किसी वर्ग या धर्म का अपमान किया जाए।
बढ़ते साइबर अपराध और चेतावनी
यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया पर बढ़ते साइबर अपराधों और अभद्र पोस्ट्स की ओर इशारा करता है। पुलिस और प्रशासन लगातार ऐसे मामलों पर नजर रख रहे हैं और आम जनता से भी अपील कर रहे हैं कि किसी भी आपत्तिजनक पोस्ट को न तो साझा करें और न ही बढ़ावा दें। social media crime
पुलिस का यह कदम समाज को यह संदेश देता है कि अभद्र टिप्पणी या अश्लील पोस्ट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। social media crime
कांकेर का यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सोच और नफरत के खिलाफ समाज और पुलिस की सख्त कार्रवाई का उदाहरण है। इस कदम से उम्मीद है कि लोग आगे से सोशल मीडिया का जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करेंगे और भड़काऊ पोस्ट करने से बचेंगे।