रविशंकर सोनी पन्ना/पवई। PannaNews जगन्नाथ स्वामी मंदिर में चल रहे पांच दिवसीय श्रीराम चरित मानस सम्मेलन के दूसरे दिन कथा व्यास धर्मदास फलहारी महाराज जी ने कथा के माध्यम से राष्ट्र धर्म और मानव जीवन के सर्वोच्च कर्तव्यों का सुंदर वर्णन किया।
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मानव जीवन का सबसे बड़ा धर्म राष्ट्र धर्म है
कथा के दौरान उन्होंने कहा कि मानव जीवन का सबसे बड़ा धर्म राष्ट्र धर्म है। अपने देश के लिए प्राणों की आहुति देने का भाव ही हमें सच्ची शिक्षा देता है। महाराज जी ने यह स्पष्ट किया कि मानव जाति का सर्वोपरि धर्म यही है कि देश और समाज के लिए अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए शहीद होना भी उच्चतम बलिदान माना जाए। PannaNews
दूसरा महत्वपूर्ण धर्म है मर्यादा धर्म
उन्होंने कहा कि राष्ट्र धर्म के बाद दूसरा महत्वपूर्ण धर्म है मर्यादा धर्म, जो भगवान श्रीराम के आदर्शों का पालन करके समाज और देश को अध्यात्मिक मार्गदर्शन देने में निहित है। मानव जाति को जाति या पंथ के बंधनों में नहीं बंधकर केवल मानव धर्म का पालन करना चाहिए, जिससे देश और भारत माता को विश्व स्तर पर गौरव प्राप्त हो। PannaNews
कथा के माध्यम से बताया कि प्रभु श्रीराम ने अपने जीवन में यह आदर्श प्रस्तुत किए
धर्मदास महाराज ने कथा के माध्यम से बताया कि प्रभु श्रीराम ने अपने जीवन में यह आदर्श प्रस्तुत किए। श्रीराम ने राष्ट्र धर्म, सामाजिक धर्म और निजी धर्म का पालन करते हुए अधर्मी और अन्यायपूर्ण शक्तियों पर विजय प्राप्त की। उन्होंने समाज के वंचित, शोषित और अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों को मुख्यधारा में लाने का महत्व समझाया। PannaNews
14 वर्ष तक वनवास में रहकर समाज में समानता और न्याय का संदेश दिया
महाराज जी ने उदाहरण देते हुए कहा कि श्रीराम ने 14 वर्ष तक वनवास में रहकर समाज में समानता और न्याय का संदेश दिया। शबरी और गीध जैसे समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों को अपने स्नेह और मार्गदर्शन से समाज में बराबरी पर लाना ही श्रीराम राज की वास्तविक कल्पना थी। यही संदेश कथा में सुनने वालों को जीवन में मानव धर्म और राष्ट्र धर्म के महत्व को समझाता है।
कथा व्यास मानस मणि रेखा जी ने श्रीराम कथा का सुंदर और सहज वर्णन किया। उन्होंने बताया कि श्रीराम के आदर्श केवल धार्मिक नहीं बल्कि समाज सुधार और मानव मूल्यों को प्रोत्साहित करने वाले हैं। कथा सुनते हुए उपस्थित लोग राष्ट्र, समाज और मानव धर्म के महत्व को आत्मसात कर रहे थे। PannaNews
कार्यक्रम का मंगलाचरण पंडित रामगोपाल पाण्डेय द्वारा किया गया, जिससे कथा की शुरुआत एक आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्तिभाव से हुई। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और उपस्थित लोगों से देशभक्ति, मानवता और समाज सेवा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। PannaNews
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धर्मदास फलहारी महाराज ने यह भी जोर देकर कहा कि राष्ट्र धर्म का पालन केवल बड़े-बड़े नेताओं या योद्धाओं का काम नहीं है। हर व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में अपने कर्तव्यों का पालन करके राष्ट्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभा सकता है। यही सच्ची शिक्षा है जो श्रीराम की कथा से मिलती है। PannaNews
कथा में यह भी बताया गया कि समाज में असमानताओं को दूर करने, कमजोर और वंचित लोगों को सम्मान दिलाने, और सभी को बराबरी का हक देने का संदेश ही रामराज्य का वास्तविक स्वरूप है। महाराज जी ने यह स्पष्ट किया कि श्रीराम ने अपने आदर्शों के माध्यम से हमें यही शिक्षा दी कि सच्चा धर्म वही है जो राष्ट्र, समाज और मानवता के कल्याण में योगदान करे।
सम्मेलन में शामिल लोगों ने कथा सुनकर देशभक्ति और मानव मूल्यों की भावना को अपने हृदय में उतारा। धर्मदास महाराज ने अंत में कहा कि राष्ट्र धर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं और हर नागरिक को इसे अपने जीवन में अपनाना चाहिए। PannaNews
इस प्रकार, जगन्नाथ स्वामी मंदिर में चल रहे इस सम्मेलन ने न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक शिक्षा दी, बल्कि समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक प्रेरक संदेश भी दिया। PannaNews