जितेंद्र साहू धमतरी। drunk teacher suspended मगरलोड क्षेत्र के शासकीय प्राथमिक विद्यालय कमारिनमुड़ा के प्रधानपाठक भोजराम कंवर पर आखिरकार कार्रवाई हो ही गई। लंबे समय से उन पर शराब पीकर स्कूल आने और महिला कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप लग रहे थे। ग्राम सरपंच, शाला विकास समिति और ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने सख्त कदम उठाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। drunk teacher suspended
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शिकायतों से बढ़ी परेशानी
कमारिनमुड़ा ग्राम पंचायत और शाला विकास समिति के पदाधिकारियों ने संकुल समन्वयक के माध्यम से शिक्षा विभाग तक यह गंभीर शिकायत पहुँचाई थी। ग्रामीणों का कहना था कि प्रधानपाठक भोजराम कंवर आए दिन शराब के नशे में स्कूल आते हैं। इससे न केवल बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, बल्कि स्कूल का माहौल भी खराब हो गया था।
यही नहीं, महिला शिक्षिकाओं और कर्मचारियों के साथ उनका व्यवहार भी सही नहीं बताया गया। शिकायत में उल्लेख है कि कई बार उन्होंने महिला कर्मियों के साथ अभद्रता की, जिसकी वजह से स्कूल का माहौल तनावपूर्ण हो गया। drunk teacher suspended
पहले भी हो चुका है स्थानांतरण
ग्रामवासियों और सरपंच ने यह भी बताया कि भोजराम कंवर के खिलाफ पहले भी इसी तरह की शिकायतें हो चुकी हैं। पूर्व में भी उनकी कार्यशैली और शराबखोरी के कारण उनका अन्य विद्यालय में स्थानांतरण किया गया था। लेकिन इसके बावजूद उनकी आदतों में सुधार नहीं हुआ। drunk teacher suspended
ग्रामीणों का कहना था कि लगातार मिल रही शिकायतों और बच्चों की शिक्षा पर हो रहे नकारात्मक असर को देखते हुए ऐसे शिक्षक को तत्काल विद्यालय से हटाना ही जरूरी हो गया था।
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन
शिकायतों के आधार पर जब शिक्षा विभाग ने मामले की जांच की, तो आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि भोजराम कंवर का यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3(i, ii, iii) का उल्लंघन है। एक शिक्षक का शराब के नशे में स्कूल आना न केवल सेवा आचरण के खिलाफ है, बल्कि यह बच्चों और समाज के लिए गलत उदाहरण भी है। drunk teacher suspended
डीईओ ने लिया सख्त एक्शन
विकासखंड शिक्षा अधिकारी मगरलोड की रिपोर्ट पर डीईओ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भोजराम कंवर को निलंबित कर दिया। आदेश के मुताबिक, उन्हें निलंबन की अवधि में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय नगरी में नियत किया गया है। drunk teacher suspended
निलंबन आदेश छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत जारी किया गया है। इस आदेश में स्पष्ट किया गया कि एक शिक्षक का इस तरह का व्यवहार न केवल अनुशासनहीनता है, बल्कि यह बच्चों की शिक्षा और समाज की अपेक्षाओं के विपरीत भी है। drunk teacher suspended
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ग्रामीणों ने जताई राहत
ग्रामीणों और शाला विकास समिति ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही थी और शिक्षक के गलत आचरण से स्कूल की छवि खराब हो रही थी। अब उम्मीद है कि स्कूल में पढ़ाई का माहौल फिर से सुधरेगा और बच्चे बिना किसी डर के शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। drunk teacher suspended
शिक्षा विभाग का संदेश
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि स्कूलों में अनुशासनहीनता, शराबखोरी और महिला कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार जैसे मामलों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने यह भी साफ किया कि शिक्षक समाज का आदर्श होते हैं और उनका आचरण बच्चों के भविष्य को सीधे प्रभावित करता है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनुशासनहीनता को गंभीरता से लिया जाएगा। drunk teacher suspended
समाज पर असर
यह घटना केवल एक शिक्षक के निलंबन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक सीख है कि बच्चों की शिक्षा और भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। शराब पीकर स्कूल आना और शिक्षण कार्य की अनदेखी करना एक गंभीर अपराध है। इस मामले ने शिक्षा विभाग और अभिभावकों दोनों को सतर्क किया है।
प्रधानपाठक भोजराम कंवर के निलंबन ने साफ कर दिया है कि अब शिक्षा विभाग और समाज मिलकर बच्चों की पढ़ाई और स्कूलों के माहौल को खराब करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएंगे। यह घटना उन सभी शिक्षकों के लिए भी चेतावनी है, जो अपने दायित्वों की अनदेखी करते हैं। बच्चों का भविष्य सबसे ऊपर है और उसकी कीमत पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। drunk teacher suspended