बलरामपुर (छत्तीसगढ़)। Kidnapping case revealed छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में हाल ही में हुए सनसनीखेज अपहरण कांड में पुलिस ने एक और बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि इस वारदात के मास्टरमाइंड और कुख्यात अपराधी अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस लगातार दबिश देकर उनकी तलाश कर रही है और दावा कर रही है कि जल्द ही दोनों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। Kidnapping case revealed
Table of Contents
कैसे हुआ था अपहरण?
यह पूरा मामला 6 अगस्त का है। बलरामपुर के प्रेमनगर चौक से विजयलाल मरकाम नाम के पत्रकार का अपहरण कर लिया गया था। बताया जाता है कि अपहरणकर्ताओं ने पहले उसे बहला-फुसलाकर एक स्विफ्ट डिज़ायर कार (UP 64 AK 7444) में बैठाया और फिर उत्तरप्रदेश ले गए। रास्ते में अपहृत की बेरहमी से पिटाई भी की गई और उसके छोटे भाई से 3 लाख रुपये की फिरौती वसूलने की मांग की गई। Kidnapping case revealed
इस घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया था। बसंतपुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू की और अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। Kidnapping case revealed
अब तक की पुलिस कार्रवाई
पहले की कार्रवाई में पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा था, जबकि ताजा कार्रवाई में तीसरे आरोपी सतीश गुप्ता (निवासी बीजपुर, उत्तरप्रदेश) को भी दबोच लिया गया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त दो स्विफ्ट डिज़ायर कारें भी जब्त कर ली हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपी सतीश गुप्ता ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि इस पूरी घटना की योजना पंकज मिश्रा और राकेश यादव उर्फ बिल्लू यादव ने बनाई थी। Kidnapping case revealed
पत्रकार होने की वजह से बना निशाना
जांच में सामने आया कि अपहृत विजयलाल मरकाम पेशे से पत्रकार हैं और लगातार वन विभाग व पुलिस को लकड़ी तस्करी की गतिविधियों की जानकारी देते थे। इसी वजह से आरोपी उनसे नाराज थे और रंजिश के चलते इस अपहरण की साजिश रची गई।
आरोपी राकेश यादव ने खुद प्रेमनगर चौक पर जाकर विजयलाल को बुलाया और कार में बैठाया। संदेह से बचने के लिए उनके साथी त्रषि को भी कार में बैठाया गया, लेकिन बाद में उत्तरप्रदेश के पिपरा खांड पेट्रोल पंप के पास धक्का देकर उतार दिया गया। इसके बाद विजयलाल को बीजपुर ले जाकर एक शौचालय में कैद कर दिया गया था। Kidnapping case revealed
कुख्यात अपराधी अब भी फरार
इस अपहरण कांड के मुख्य आरोपी पंकज मिश्रा और राकेश यादव उर्फ बिल्लू यादव अब भी फरार हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि पंकज मिश्रा उत्तरप्रदेश का आदतन अपराधी और जिला बदर है, वहीं राकेश यादव बलरामपुर क्षेत्र का कुख्यात बदमाश है। दोनों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। Kidnapping case revealed
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरे मामले की जांच बसंतपुर थाना प्रभारी जितेंद्र सोनी के नेतृत्व में चल रही है। कार्रवाई में आरक्षक भूपेंद्र मरावी, अनिल पड़वार, विवेक कुमार, ताराचंद, चौकी वाड्रफनगर प्रभारी धीरेंद्र तिवारी और आरक्षक पंकज पोर्ते ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अब तक पुलिस तीन आरोपियों को जेल भेज चुकी है और घटना में शामिल गाड़ियों को जब्त कर लिया है। पुलिस का कहना है कि फरार दोनों आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा। Kidnapping case revealed
स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय
इस अपहरण कांड ने पूरे बलरामपुर जिले में सनसनी फैला दी थी। लोगों का कहना है कि पत्रकारों को निशाना बनाना बेहद खतरनाक ट्रेंड है और ऐसे मामलों में पुलिस को और ज्यादा सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए। Kidnapping case revealed
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई को लेकर आम जनता ने राहत की सांस ली है और उम्मीद जताई है कि फरार अपराधी भी जल्द ही पकड़े जाएंगे। https://dainikhistory.com/